सिनेमा स्क्रीन के साथ – साथ टीवी चैनलों पर भी अपना जलवा कायम रखने वाले अभिनेताओं की सूची में अब भोजपुरी के फिटनेस आइकॉन विक्रांत सिंह राजपूत का भी ना जुड़ गया है. वे इन दिनों टीवी चैनलों के चहेते बनते जा रहे हैं.
सिनेमा स्क्रीन के साथ – साथ टीवी चैनलों पर भी अपना जलवा कायम रखने वाले अभिनेताओं की सूची में अब भोजपुरी के फिटनेस आइकॉन विक्रांत सिंह राजपूत का भी ना जुड़ गया है. वे इन दिनों टीवी चैनलों के चहेते बनते जा रहे हैं.
सूरज पांडेय पंजाब के मोहाली में रहते हैं, इसबीच पड़ोसी द्वारा सूचना दी गई थी कि आपके रतसर कस्बा स्थित घर का दरवाजा टूटा हुआ है.
धूमधाम से मना विश्वकर्मा पूजा
हल्दी, बलिया. देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती रविवार के दिन क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया. गांवों तथा चट्टी चौराहों की इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रानिक, टीवी, फ्रीज, वाहनों आदि की दुकानों से लेकर टेंट हाउस तक में पूजा के अवसर पर हवन-पूजन कर सुख समृद्धि की कामना की.
भारत का पहला OTT न्यूज प्लेटफॉर्म मितवा न्यूज ने पूरे किए एक साल
बलिया/पटना. मितवा टीवी एंड न्यूज, भारत का पहला OTT न्यूज प्लेटफॉर्म दर्शको की पहली पसंद के रूप में उभर के आई है. मितवा न्यूज ने मई 7, 2023 को अपना प्रथम वर्ष पूरा कर चुका है.
अब तक प्रोमो को 2.5 मिलियन से ज्यादा लोगों ने देखा है. मेरे लिए, दबाव से अधिक, यह कुछ बनाने का जुनून है जो मेरा सपना रहा है. जब मैं 21 साल की था, तब इसे बनाना एक चीज थी, अब मैं दोगुनी लगन और मेहनत के साथ काम कर रहा हूं. उच्च कोटि का मानक सेट करने वाले एक शो को बनाने की अपनी चुनौतियां होती हैं
जब भोजपुरी सिने स्क्रीन के कई बड़े दिग्गज सुपर स्टार पवन सिंह, खेसारीलाल यादव, यश कुमार, रानी चटर्जी, स्मृति सिन्हा, काजल राघवानी और निधि झा एक मंच पर हो तो महफिल में चार चांद लगना ही तय है.
अनूठे शो लाइन-अप्स और क्षेत्र में भागीदारी पूर्ण ऑन-ग्राउंड गतिविधियों की पेशकश करने के लिये मशहूर बिग गंगा ने अपने कार्यक्रम ‘जय छठी माई’ को पेश किया है. चैनल द्वारा इस कार्यक्रम के माध्यम से बिहार के सबसे बड़े पर्व छठ पूजा की छटा दिखाई गयी.
स्वतंत्रता संग्राम हो या सियासत, देश में बलिया को ऊंचा मुकाम हासिल है. मगर उद्योग के नाम पर उसके खाते में आए सिर्फ दो कारखाने – एक चीनी मिल और एक कताई मिल. जो यहां के जनप्रतिनिधियों के उदासीनता के चलते कई सालों से बंद पड़े है. जिससे लोगो को रोजगार के लिए दूसरे प्रान्तों के महानगरों के तरफ पलायन करना पड़ रहा है. रही सही कसर पूरी कर देती हैं यहां की जर्जर सड़कें, विकास में सबसे बड़ी बाधा तो वहीं हैं.