बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए. बयासी घाट पर गंगा किनारे उनका अंतिम संस्कार होगा. बेटे प्रिंस युकेश मुखाग्नि देंगे. दिल्ली में निधन के बाद लखनऊ और फिर बलिया में हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन किए.
बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए. बयासी घाट पर गंगा किनारे उनका अंतिम संस्कार होगा. बेटे प्रिंस युकेश मुखाग्नि देंगे. दिल्ली में निधन के बाद लखनऊ और फिर बलिया में हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन किए.
दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को बलिया के बयासी घाट पर गंगा किनारे होगा. उनके निधन पर नगरा बाजार के व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं. दो मिनट का मौन रखा और जनता के सुख-दुख में साथ रहने वाले नेता को श्रद्धांजलि दी.
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह आखिरी बार 24 फरवरी 2025 को स्वास्थ्य कारणों से विधानसभा सत्र में ऑनलाइन जुड़े थे. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें बोलने की अनुमति दी और पूरे सदन की तरफ से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की थी.
मायावती रसड़ा के विधायक रहे उमाशंकर सिंह को अपना छोटा भाई मानती थीं और रक्षाबंधन पर राखी बांधती थीं. 6 मार्च 2025 को वह उनसे मिलने घर गई थीं. निधन के बाद उन्होंने परिवार को हिम्मत दी और लखनऊ आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की.
रसड़ा के विधायक रहे उमाशंकर सिंह की सदस्यता 2017 में सरकारी ठेकों से जुड़े मामले में रद्द हुई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से फैसला उनके पक्ष में आया. और, विधायक के रूप में वो बहाल हो गए.
बलिया के लिए एक दुखद खबर आ रही है. रसड़ा के विधायक और बीएसपी नेता उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है.
उभांव क्षेत्र में सांप के डसने की दो घटनाएं सामने आईं. एक में, सांप के डसने के बाद झाड़-फूंक में समय गंवाने से 28 साल की महिला की मौत हो गई. दूसरी घटना में परिवार को बचाते हुए पालतू कुत्ते टॉमी ने जान गंवा दी.
बलिया के हालपुर गांव निवासी 30 वर्षीय रामप्रवेश साहनी मंगलवार दोपहर डेंगी से नदी में मछली पकड़ने गए थे. संतुलन बिगड़ने से वह गहरे पानी में गिर गए. मछुआरों ने करीब एक घंटे बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी.
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026 के नतीजे आज सामने आ रहे हैं. मतगणना के हर राउंड में कौन आगे, कौन पीछे, किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले और जीत का अंतर कितना रहा, चुनाव परिणाम से जुड़ा हर LIVE अपडेट यहां पढ़ें.
प्रेमचंद की ‘मंत्र’ सामाजिक अन्याय से आगे मनुष्य के भीतर चलने वाले संघर्ष की कहानी है. यह प्रतिशोध के सामने करुणा, क्रोध के सामने क्षमा और शक्ति के सामने मनुष्यता को रखती है. यही नैतिक दृष्टि प्रेमचंद को केवल यथार्थवादी कथाकार नहीं, बल्कि अपने समय से आगे का मानवीय कथाकार बनाती है.
Web Series Review: कुछ प्रेम कहानियाँ साथ नहीं, सोच बदलकर ख़त्म होती हैं. मुसाफिर कैफ़े एक ऐसी प्रेम कहानी है, जहाँ प्यार से ज़्यादा रिश्तों की परिपक्वता, सपनों का सम्मान और आगे बढ़ने का …
ब्रिटिश सरकार द्वारा दिए जाने वाले ‘राय साहब’ के सम्मान को प्रेमचंद ने अस्वीकार कर दिया. शिवरानी देवी के साथ इस प्रसंग ने उनके नैतिक साहस, जनपक्षधरता और स्वतंत्र चेतना को और स्पष्ट किया. यह प्रसंग बताता है कि प्रेमचंद के लिए सत्ता का सम्मान नहीं, जनता का विश्वास और लेखक की आत्मा सबसे बड़ा मूल्य था.
आज़मगढ़ के श्री गांधी पीजी कॉलेज में प्रेमचंद जयंती की पूर्वसंध्या पर आयोजित परिसंवाद में वक्ताओं ने प्रेमचंद के साहित्य को सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों का दस्तावेज बताया. कार्यक्रम में साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता पर चर्चा के साथ लोकनृत्य और कविता पाठ का भी आयोजन किया गया.
बलिया से बैरिया की ओर जा रहा गिट्टी लदा एक ट्रक हल्दी थाना क्षेत्र के नंदपुर गेट के सामने अचानक रुक गया. इसी दौरान पीछे से आ रहा दूसरा ट्रक अनियंत्रित होकर उससे टकरा गया.
दीपावली की शाम थाना बांसडीह रोड क्षेत्र के ग्राम रघुनाथपुर गांव में पटाखा जलाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। मामूली कहासुनी के बाद बात बढ़ी और दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी।
सूचना पहुंची पुलिस ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि गुप्ता को कमर के नीचे करीब दो गोली लगी है।
देखते ही देखते आग की लपटें और अधिक तेज होती गईं, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई. गनीमत ये रही कि बिजली काट दिये जाने से बड़ा हादसा टल गया.
भोजपुरी नाइट्स आयोजन के तहत अक्षरा ने अपने गीतों से लोगों को जमकर झुमाया. उसके बाद तमाम गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति कर सबकी वाहवाही लूटी.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मुरली मनोहर टाउन इण्टर कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा ने कहा कि मधुर जी बाल साहित्य के मर्मज्ञ और एक यशस्वी साहित्यकार थे.
स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से काफी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकार जिला अस्पताल भेजा गया.