जन सामान्य के लिए बजट में कोई राहत नहीं
सिकंदरपुर(बलिया)। मोदी सरकार द्वारा फिर एक बार आम बजट पेश किया गया है. बजट आने के बाद जनता की ओर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं. गुलाब की नगरी सिकंदरपुर में अधिकतर लोगों को इस बजट में कोई खास बात नजर नहीं आई. आम जनता के मुताबिक उन्हें बजट से निराशा हाथ लगी है. लोगों ने बलिया लाइव से अपनी प्रतिक्रियाएं साझा की.
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कस्बे के कपड़ा व्यवसाय राम मनोहर लाल का कहना है कि इस बजट में छोटे व्यापारियों के लिए क्या है ? यह बजट औपचारिकता मात्र है. जिस आशा और विश्वास के साथ इस सरकार को हम सब ने मत दिया, उस विश्वास पर यह सरकार खरा नहीं उतर सकी है.
डॉ राजेश प्रसाद आर्य का कहना है कि नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन यह बहुत ही अच्छी बात है. किसानों के लिए यह बजट बहुत बढ़िया है. लेकिन मध्यम वर्ग के लिए कुछ कठिनाइयां हैं. फिर भी देखा जाए तो बजट बहुत ही बढ़िया है.
शिक्षक यादवेंद्र यादव ने गुरुवार को पेश किए गए केंद्र सरकार के बजट को निराशाजनक बताया है. कहा कि उम्मीद थी कि यह बजट कृषि और ग्रामीण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण व शुभ समाचार लेकर आएगा. लेकिन कृषि के साथ साथ यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की दृष्टि से निराशाजनक रहा.

गृहणी मालती यादव ने कहा कि इस बजट से उम्मीद थी कि बजट आएगा तो रसोई का सामान सस्ता हो जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. खाने पीने की वस्तुओं के दाम कम नहीं हुए हैं. दाल, चावल, चीनी सब कुछ जस के तस हैं. रसोई गैस पर भी कोई राहत नहीं मिली है. महिलाओं के लिए कॉस्मेटिक पर भी कुछ नहीं है.
शिक्षक ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि यह केवल पूंजीपतियों का बजट है. न तो इनकम टैक्स की सीमा बढ़ाई गई है, न ही कारपोरेट के लिए ही छूट प्रदान की गई है. टीवी, फ्रीज, मोबाइल के दाम बढ़ा दिए गए हैं. ग्रामीणों और मध्यम वर्गीय के लिए बजट निराशाजनक है. जबकि प्राइवेट रूप से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों और युवाओं के लिए भी कुछ नहीं है.
