कवि सम्मेलन शह-बंद-ए- मुशायरा के आयोजन में झूमे श्रोतागण

प्रगतिशील साहित्यिक मंच ओझा कछुआ के तत्वधान में कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया. जिसमें छपरा, बिहार व उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने अपने-अपने हास्य, व्यंग काव्यों की प्रस्तुति से लोगों को देर रात तक आनंदित किया। श्रोताओं ने हास्य व व्यंग काव्यों का भरपूर लुफ्त उठाया तथा हंसते हंसते लोटपोट हो गए.

हिंदी की खुशबू पूरे विश्व में फ़ैल रही है: प्रो. निर्मला एस मौर्य

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में बुधवार को हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. विश्वविद्यालय २० …

14 सितंबर हिंदी दिवस पर विशेष: संपर्क भाषा के रूप में हिंदी

हिंदी भाषा का इतिहास लगभग 1000 वर्ष पुराना माना गया है. संस्कृत भारत की सबसे प्राचीन भाषा है, इसे आर्य भाषा या देव भाषा भी कहा जाता है और हिन्दी का जन्म संस्कृत से ही हुआ है.

राष्ट्र को एक सूत्र में बांधती है हिंदी- विद्यार्थी

आज भले ही हिंदी बोलने वालों की संख्या अपने देश एवं विदेशों में बढ़ रही है, लेकिन इंग्लिश का बढ़ता प्रचलन हिंदी भाषा की गरिमा के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय है. हमारे देश में भाषाओं की बहुलता के कारण भाषाई वर्चस्व की राजनीति ने भाषावाद का रूप धारण कर लिया है.

‘मेरी अशेष यात्रा’ पुस्तक का परिचय समारोह का हुआ भव्य आयोजन

मेरी अशेष यात्रा’ पुस्तक का परिचय समारोह का आयोजन मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित गंगा बहुउद्देश्यीय सभागार में हुआ. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में केसरी विश्वविद्यालय, दक्षिणी बिहार, गया के कुलपति प्रो.केएन सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.

बलिया: ‘मेरी अशेष यात्रा’ पुस्तक का विमोचन समारोह आज

जनपद के ही निवासी लेखक अनिल सिंह द्वारा लिखी गई इस पुस्तक के भव्य विमोचन समारोह की अध्यक्षता परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में केशरी विश्वविद्यालय, दक्षिणी बिहार, गया के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह सम्मिलित होंगे.

अटल जी की पुण्यतिथि पर कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और महान कवि अटल बिहारी वाजपेई जी के परिनिर्वाण दिवस पर मनियर परशुराम स्थान पर काव्य गोष्ठी का आयोजन युवा संगठन के अध्यक्ष गोपाल जी द्वारा मंगलवार की रात को किया गया.

बलिया में याद किए गए मध्यकालीन संत साहित्य के विद्वान आचार्य परशुराम चतुर्वेदी

आचार्य चतुर्वेदी मध्यकालीन संत साहित्य के विद्वान के रूप में सम्मानित हैं. श्रीमती सूरजा देवी एवं राम छबीला चतुर्वेदी के पुत्र के रूप में आचार्य परशुराम चतुर्वेदी का जन्म बलिया जनपद के जवही ग्राम में आज ही के दिन हुआ था. पेशे से वकील होने के बावजूद आपका मन साहित्य साधना में रमा और आपने विद्वता का शिखर छूआ.

कुलपति की पुस्तक ‘गर्भ संस्कार: एक उत्कृष्ट परंपरा’ का राज्यपाल ने किया विमोचन

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में एक संस्कार गर्भ संस्कार भी है. इस संस्कार को आत्मसात करके हम शिशु के अंदर अच्छे संस्कार प्रदान कर सकते हैं. गर्भवती महिलाओं के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण होता है. अधिकतर महिलाएं जागरूकता के अभाव में इस पर ध्यान नहीं देती हैं. उनका मानना है कि भ्रूण से शिशु के साथ उसके संस्कार का भी जन्म होता है.