बलिया के जिगिड़सर गांव स्थित सिधेश्वर नाथ महादेव धाम ऐसा चमत्कारी स्थान है, जहाँ भक्तों का अटूट विश्वास है और रहस्यमयी घटनाएं इसे खास बनाती हैं
बलिया के जिगिड़सर गांव स्थित सिधेश्वर नाथ महादेव धाम ऐसा चमत्कारी स्थान है, जहाँ भक्तों का अटूट विश्वास है और रहस्यमयी घटनाएं इसे खास बनाती हैं
भोर होते ही श्रद्धालु हर-हर महादेव का घोष करते हुए शिवालियों की तरफ चल पड़े. कांवरियों के चलते चारों तरफ केसरिया रंग बिखर गया था
बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु दो बजे भोर से ही लाइन में लग गए. सड़कों पर हर-हर महादेव के नारे गूंजते रहे
पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया ने वन महोत्सव के तहत क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
पवित्र श्रावण मास के प्रथम सोमवार को क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन पूजन को श्रद्धालुओं की लंम्बी कतार लगी रही। बेल्थरा रोड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के शिवालयों सहित अन्य देवालयों में भक्तों की भारी भींड़ उमड़ी रही।
आराध्य भगवान शिव के पूजन-अर्चन के लिए शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा. पहली सोमवारी के अवसर पर शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है.
सावन के पहले सोमवार को बांसडीह सहित ग्रामीण इलाकों के विभिन्न शिवालयों सहित अन्य देवालयों में भक्तों की भारी भींड़ उमड़ी रही।
बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु दो बजे भोर से ही लाइन में लग गए. सड़कों पर हर—हर महादेव के के नारे गूंज रहे है, वहीं महिलाएं व युवतियां भोलेनाथ के गीत गा रही थीं.
अधिमास के चौथे सोमवार को शिव मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़
बांसडीह, बलिया. सावन व अधिमास के चौथे सोमवार को क्षेत्रों में स्थित शिवालयों में शिवभक्तों का रेला सूर्योदय से पू्र्व से ही उमड़ पड़ा.श्रद्धालु मन्दिर में पहुंचकर पूजन अर्चन में लीन हो गये.
बड़ों के आज्ञा में उसका कल्याण छिपा रहता है इसलिए बिना सोचे समझे बड़ो की आज्ञा का पालन करना आवश्यक-स्वामी खीमाचंद
शिव महापुराण कथा का पांचवा दिन
सावन महीने के अंतिम सोमवार को क्षेत्र के शिव मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से क्षेत्र में भीषणगर्मी में श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डगमगा पाई।सावन मास का अंतिम सोमवारी होने के चलते शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
बलिया – बांसडीह मार्ग स्थित बड़सरी गांव से करीब एक किमी पश्चिम सुरहताल के किनारे बाबा अवनीनाथ महादेव मंदिर प्राचीन काल से स्थापित है. जहां पहुंचने पर पर्यावरण से सुसज्जित स्थल पर एक अलग अनुभूति तो होती है. बुजुर्गों के अनुसार उक्त मंदिर की ऐसी महत्ता है कि जो अवनी नाथ महादेव मंदिर में जाकर अपनी विनती सुनाता है उसकी मन्नत पूर्ण हो जाती है.
सावन की शुरुआत आंधी तूफान एवं हल्की बारिश के साथ बृहस्पतिवार को हुआ. आंधी तूफान करीब 6 बजे सायं काल बृहस्पतिवार के दिन आया.
बलिया की धरा देवी देवता ऋषियों मुनियों की बदौलत जानी जाती है. जी हां, बात कर रहे है शंकर महादेव के मंदिरों की. वैसे तो हर शिवालयों का अलग ही महत्व है.
रितेश बोले, नंदी की सवारी करने वाले मेरे आराध्य देव सबकी दुख हरते हैं और दुनिया में आये कोरोना से भी बाबा निजात दिलायेंगे.
भोजपुरी कांवर गीत ‘कैलाशी’ उनके अपने यूट्यूब अक्षरा सिंह ऑफिसियल पर रिलीज
जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर बलिया-मनियर मार्ग के घोघा चट्टी के पूरब स्थित इस शिव मंदिर में श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए बड़ी संख्या में आते हैं.
शाहपुर गांव में आज सुबह एक पिकप पर सवार हो कर 25 लोग बाबा बैजनाथ धाम दर्शन करने जा रहे थे. इसी दौरान पिकप पर 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार टूट कर गिर गया
कांवरिया भक्तों को नहीं होगी कोई कठिनाई
पवित्र श्रावण मास के चौथे सोमवारी को बाजार के हनुमान मंदिर पर विशाल भंडारे एवं शिव जागरण का आयोजन सार्वजनिक रामलीला समिति के तत्वावधान में किया गया.