नगहर गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के प्रांगण से सावन मास में निकलने वाला महावीरी झंडा बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ निकाला गया
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कोटवारी गांव में सावन के चौथे सोमवार को शिव भक्तों ने कलश यात्रा निकाला.
मनियर ब्लाक के जिगनी में स्थित रामजीत बाबा के मन्दिर पर जनपद के विभिन्न गांव से पहुंच श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन किया. यहां बांस के लम्बे झण्डे की प्रतिस्पर्धा होती है.
सावन के दूसरे सोमवार को छोटी काशी के रुप में विख्यात रसड़ा क्षेत्र बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा दिन गुंजायमान रहा.
हर हर महादेव कावरिया संघ मेन रोड बिल्थरारोड का जत्था बाबा धाम के लिए रविवार को गाजे बाजे के साथ रवाना हो गए.
सावन के पावन महीना की शुरुआत होते ही गांवों से लेकर सड़कों तक कावरियों की टोलियां देखने को मिल रही है.
डाक बंगला में भारत नौजवान क्रांति सभा की मासिक बैठक सम्पन्न हुई. जिसमें सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया कि रेलवे स्टेशन पर बुधवार को सावन के पर्व के पर कांवरियों को सेवा की जाएगी.
श्रावण मास के प्रथम सोमवारी के दिन रसड़ा क्षेत्र के पौराणिक व प्राचीन शिवमंदिर लखनेश्वरडीह, श्रीनाथ मठ शिव मंदिर सहित तमाम शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा.
श्रावण मास की प्रतिपदा तिथि सोमवार के दिन भगवान इन्द्र द्वारा आशुतोष भगवान शिव के जलाभिषेक से शुरू हुई. नगर सहित क्षेत्र के शिवालयों में ब्रम्हबेला से ही भक्तों का रेला उमड़ पड़ा.
श्रावण के पवित्र महीने के आते ही शिवभक्तों में जहां भारी उत्साह और उमंग का माहौल है, वहीं क्षेत्र के शिवालयों व देवालयों पर तैयारियां भी जोरों पर की जा रही है.
नगर तथा क्षेत्र से शनिवार को कांवरियों के जत्थे का बाबा धाम जाने का सिलसिला शुरू हो गया. पहले दिन करीब आधा दर्जन जत्थे विभिन्न साधनों द्वारा बाबा धाम के लिए रवाना हुए.
सावन माह के अंतिम सोमवारी को शहर और ग्रामीण इलाकों के शिव मंदिरों सहित अन्य देवी देवताओं के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही. शिव मंदिरों में प्रमुख बालेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों को अपनी बारी का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा.
सावन माह के दूसरे सोमवार को महर्षि भृगु मंदिर परिसर में बाबा धाम जाने वाले कांवरियों का स्वागत छात्र नेता व सामाजिक कार्यकर्ता रिपुंजय रमण पाठक उर्फ रानू ने मिष्ठान एवं पेयजल वितरित कर के किया.
सावन माह के दूसरा सोमवार और संयोगवश शिवरात्रि भी. शिव मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए विशेष कर महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी. मंदिरों में महिलाओं को भी अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लाइन में घंटों खड़े रहना पड़ा. नंगे पैर महिलाएं डोलची में पूजन सामग्री बिल्वपत्र, चंदन, रोरी अगरबत्ती, माचिस, भांग, गंगाजल, फूल, अक्षत के साथ मंदिर पहुंचते भगवान शिव का हर महादेव के साथ जलाभिषेक किया.
श्रावण मास के प्रथम सोमवार को जनपद के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. जिला मुख्यालय पर स्थित राजा बलि द्वारा स्थापित बालेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों को अपनी बारी का घंटों इंतजार करना पड़ा.
सावन के पहले दिन बुधवार को मंदिरों में शिवभक्तों का रेला उमड़ा. श्रद्धालुओं ने भोले भंडारी का गंगाजल से अभिषेक किया. अपनी बारी का घंटों इंतजार किये श्रद्धालु. सुबह से ही शिव भक्त अपनी पारी के इंतजार में मंदिरों के बाहर घंटों खड़े रहे.
सोमवार को बलिया से कई बसों, जीप, बोलेरो तथा अन्य वाहनों से भारी संख्या में शिवभक्त बाबा धाम के लिए रवाना हुए. यह जत्था सोमवार को चल कर सावन के पहले दिन बुधवार को बाबा धाम में जलाभिषेक करेगा. यह सिलसिला एक माह तक चलेगा. बलिया के शिव भक्तों ने सोमवार को बालेश्वर मंदिर, भृगु मंदिर तथा संकटमोचन मंदिर में पूजा आराधना करने के बाद बाबा धाम के लिए रवाना हुए.

