तीन-चार दिन पहले से ही एनएच के किनारे गांव वासियों ने झोपड़िया डालना शुरू कर दिया था
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15 अगस्त से पानी बढ़ने की संभावना, सभी अधिकारियों की छुट्टी निरस्त
पत्र में इन कार्यों की टेक्निकल टीम से जांच कराने तथा जांच पूरा होने तक कार्यदाई संस्था का भुगतान रोकने का अनुरोध
बांसडीह में हजारों एकड़ धान की फसलें डूबीं, बैरिया, रेवती, बेल्थरारोड, सिकंदरपुर में भी मचल रही सरयू
छोटे-छोटे मुद्दे पर अपना बयान देकर जनता को गुमराह करने वाले विधायक इन मुद्दों पर चुप क्यों हैं?
झाड़-फूंक कराने के लिए इधर-उधर भटकते रहे बालिका के परिजन
नौरंगा में हो रहे कटान रोधी कार्य में अनियमितता का आरोप, अब तक हुए कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग
सरयू नदी की मुख्यधारा बिहार को छोड़ यूपी का रुख की, 50 से अधिक किसानों के 200 बीघा परवल की फसल सहित उपजाऊ भूमि नदी की मुख्यधारा में विलीन
कहा – भगवान और गंगा मैया की कृपा रहेगी तो 2 लेयर ही सुरक्षा के लिए पर्याप्त
विनोद सिंह ने दो टूक कहा, सुबह तक हमारी इन मांगों का जवाब नहीं मिला तो कल से मैं अन्न जल त्याग कर यहीं रामगढ में बेमियादी अनशन पर बैठ जाऊंगा
बीते दो दशक में गंगा का जलस्तर जुलाई में इतना कभी नहीं बढ़ा, जितना इन दिनों है
विभाग और ठेकेदारों की मंशा यही है कि बाढ़ का पानी बढ़ जाए तो सारा काम उसी में पूरा दिखा कर भुगतान उठा लिया जाए – विनोद सिंह
सैकड़ों एकड़ जमीन गोपाल नगर, मानगढ़, चाई छपरा के किसानों का घाघरा के कटान में समाहित हो चुका है, इस पर किसी का ध्यान नहीं है.
अब गंगा मैया पर ही भरोसा बचा है. बैरिया विधानसभा क्षेत्र के गंगा तटवर्ती गांव की डेढ़ लाख आबादी सहमी हुई है. बाढ़ कटान से सुरक्षा के लिए गंगा की धारा को मोड़ने के लिए चल रहे ड्रेसिंग कार्य और पारकोपाइन पद्धति से हो रहे कार्य पर प्रभावित ग्राम वासियों को उतना भरोसा नहीं, जितने दंभ भरा जा रहा है.
वाराणसी में गंगा एवं वरुणा किनारे बसे लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है. हालांकि प्रयागराज, मिर्जापुर, फाफामऊ, बलिया और गाजीपुर में गंगा स्थिर हैं.
पहले ही बारिश से घाघरा नदी का तांडव शुरू हो गया है. रिगवन गाँव के पूरब छावनी के पास खेतों के कटान के साथ पेड़ भी धराशायी होकर घाघरा नदी में समाहित होते दिख रहे हैं.
बाँसडीह तहसील अंतर्गत केवरा गाँव कोरोना संक्रमण के चलते 16 जून से दूसरी बार हॉटस्पॉट बन चुका है. हालांकि दो संक्रमित मरीज जो पहले पाए गए थे.
चैनछपरा घाट पर नींद में सोए जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन को जगाने के लिए ग्रामवासियों के साथ खुद ही कटान रोधी कार्य का समाजसेवी और पूर्व प्रधान विनोद कुमार चौबे ने शुभारम्भ किया.
बलिया में डूबे तीन बच्चों की तलाश खबर लिखे जाने तक जारी थी. इसी क्रम में रविवार को दलछपरा कुण्ड में डूबे युवक का शव बरामद कर लिया गया.
सदर कोतवाली क्षेत्र में कीनाराम घाट पर एक युवक की गंगा में डूबने से मौत हो गई. उधर, इसी तरह का दूसरा हादसा बैरिया थाना क्षेत्र में हुआ. दो युवकों के डूबने की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया.

