“विश्व अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस” के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बलिया के सभागार में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ.
“विश्व अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस” के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बलिया के सभागार में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ.
सिविल जज सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद के लोगों को भारतीय कानून के प्रति जागरूक करना है.
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में दीवानी न्यायालय सभागार कक्ष में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का शुभारंभ प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सत्य प्रकाश त्रिपाठी व प्रभारी जनपद न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया.
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भाजपा सरकार ने समाजवादी सरकार की व्यवस्थाओं को चौपट करने के अलावा कुछ और नहीं किया है. भाजपा सरकार की नाकामियों के चलते शिक्षा व्यवस्था गर्त में है. देश का भविष्य विद्यालय परिसरों में जलभराव के कारण छप्पर में पढ़ाई करने को मजबूर है.
गाँधीजी ने कहा है कि, ” मैं आपको एक मंत्र दे रहा हूँ. जब भी आप संशग्रस्त हों अथवा भ्रमित हों तो या स्वार्थ से वशीभूत हो जाएँ तो आप यह उपाय करके देखिए- “आप अपने सामने आए हुए किसी अति दरिद्र असहाय एवं लाचार व्यक्ति का चेहरा अपने आँखों के सामने लाइए और आपने जो योजना तैयार की है, उस योजना से वह व्यक्ति लाभान्वित होगा कि नहीं? आप स्वयं से ऐसा प्रश्न कीजिए. इस प्रश्न को जो उत्तर मिलेगा, वही वास्तव में विकास एवं प्रगति को मापने का मापक होगा.”
अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कुलपति प्रो कल्पलता पांडेय ने कहा कि अनुवाद कला, शिल्प एवं विज्ञान है. अनुवाद एक प्रकार से पुनर्रचना है. अनुवाद के द्वारा ही भारतीय आर्ष ग्रंथों का विश्व में प्रसार हुआ है.
सीडीओ प्रवीण वर्मा के द्वारा सभी विभागों को मिशन मोड पर इस अभियान में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया. उन्होंने कहा कि इस अभियान से बलिया जनपद में प्लास्टिक इस्तेमाल न करने के विरुद्ध सही जागरूकता फैलेगी.
बैठक में सबसे पहले अध्यक्ष आनंद चौधरी ने सभी सदस्यों व अधिकारियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि जिला पंचायत के माध्यम से जनपद में विकास की गति में तेजी लानी है. इसके लिए सबको एक होकर प्रयासरत रहना जरूरी है.
डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि अक्टूबर माह में एंटी लार्वा का छिड़काव पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपदा मित्र योजना के विस्तार एवं समेकित चेतावनी तंत्र का वर्चुअल उद्घाटन किया.
कांग्रेसियों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट के लिए चला. वहां पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा.
प्राचीन काल से ही सनातन धर्म में गुरु को ज्ञान दाता, मोक्ष दाता तथा ईश्वर के समतुल्य महत्वता प्रदान की गई है. वेदों और पुराणों के अनुसार गुरु को ब्रह्मा ,विष्णु, महेश के सामान्य पूज्य माना जाता है.
जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) अभय सिंह ने बताया कि आवेदन पत्र के साथ जो प्रमाण-पत्र संलग्न किया गया है, उसकी मूल प्रति के साथ लाना होगा.
पुण्यतिथि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश महासचिव राजेश कुमार मिश्र ने कहा कि स्वर्गीय राहुल देव पांडे ब्राह्मण समाज के लिए समर्पित है. अपने जीवन के अल्पायु वह संगठन के द्वारा जो भी जिम्मेदारी दी गई.
साल 2021 का सदस्यता अभियान 20 सितम्बर से प्रारंभ होकर 05 अक्टूबर तक चलेगी, जिसमें बलिया जिले की सदस्यता लक्ष्य 15000 है. सदस्यता अभियान के अधिकतम सदस्यता दिवस के दिन 5000 विद्यार्थियों की सदस्यता कराई गई.
उत्तर प्रदेश जल निगम के अवर अभियंता अभिषेक रंजन द्वारा छात्र- छात्राओं को पांचवे सेमेस्टर में इंडिया मार्क टु हैंड पंप का परिचय, आर्सेनिक और फ्लोराइड रिमुवल यूनिट द्वारा जल को स्वच्छ कर पीने योग्य बनाना, सिरोपरी जलाशय, पंप हाउस, स्टाफ वाटर, बाउंड्री वॉल, नलकूप एवं इलेक्ट्रिफिकेशन के संबंध में थ्योरी एवं प्रैक्टिकल पढ़ाया गया.
डुमरिया ग्राम निवासी अतुल कुमार के पिता कुबेर नाथ वर्मा छितौनी इंटर कालेज के पूर्व अध्यापक हैं. अतुल चार बहनों में सबसे छोटे हैं.
सीडीओ प्रवीण वर्मा ने शनिवार को जिगिरसड़ में संचालित गो-आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया. निर्देश दिए कि पशुओं के लिए हरा चारा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए. सभी पशुओं का हमेशा ख्याल रखा जाए.
मेले के दौरान कृषि विभाग, स्वास्थ्य, आयुर्वेदिक, महिला कल्याण, बाल विकास पुष्टाहार, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण आदि विभागों द्वारा स्टाल लगाकर सरकार की योजनाओं के सम्बन्ध में सम्बन्धितों द्वारा जानकारी दी गयी.
बलिया के ओझवलिया निवासी आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की भतीजी प्रोफेसर अल्पना मिश्रा की बेटी डॉ अपाला बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की रहीं. उन्होंने कड़ी मेहनत और टाइम मैनेजमेंट से यह सफलता प्राप्त की.