दस वर्ष पूर्व में फैसला आया, पर कुछ नहीं हुआ. वादी द्वारा सिविल कोर्ट में पुनः मुकदमा किया गया. आदेश हुआ कि पुलिस अधीक्षक कब्जा कराये, प्रतिवादी को बिना सूचना के पुलिस ने कब्जा कराया, बीडीओ की सूचना पर सीडीओ रात में ही पहुंच गए, सुबह कब्जा हटाकर पुनः दीवाल जोड़ दी गयी

