Please LIKE and FOLLOW बलिया LIVE on FACEBOOK page https://www.facebook.com/BalliaLIVE
उमेश गुप्ता, बेल्थरारोड,बलिया
गोरखपुर/बलिया. सत्यानाशी या आर्जीमोन मेक्सिकाना का तेल खाने से सीयर ब्लॉक के ग्राम सभा पशुहारी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की चार दिनों के भीतर मौत हो गई थी. इन लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद हुई मौत के मामले में जांच चल रही थी और गोरखपुर एम्स के चिकित्सकों की जांच में सामने आया कि सरसों के तेल की जगह गलती से सत्यानाशी का तेल पेरवाकर भोजन में इस्तेमाल कर खाने से यह घटना घटी।
इस परिवार द्वारा करीब 7 से 8 लीटर सत्यानाशी का तेल इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। बताया जाता है कि पशुहारी गांव में एक ही परिवार के सदस्यों की अचानक तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ। चार दिनों के अंदर परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। लगातार मौतों से गांव में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच शुरू की और परिवार के अन्य सदस्यों के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए।
जांच के दौरान चिकित्सकों ने परिवार में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों और तेल की भी पड़ताल की। गोरखपुर एम्स के डॉक्टरों की जांच में पता चला कि सरसों के तेल के स्थान पर गलती से सत्यानाशी या आर्जिमोन का तेल पेरवाकर भोजन तैयार किया गया और उसका सेवन किया गया, जिसके बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ती चली गई। करीब 7-8 लीटर सत्यानाशी तेल के इस्तेमाल की जानकारी सामने आने के बाद घटना की मुख्य वजह स्पष्ट हुई। समय रहते जांच होने से परिवार के अन्य सदस्यों को सत्यानाशी तेल का सेवन करने से बचाया जा सका और उनकी जान बच गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार के सदस्यों की निगरानी और आवश्यक उपचार की व्यवस्था की गई।
कहां से आया इतनी बड़ी मात्रा में सत्यानाशी का तेल
अब सवाल उठा की आखिर इन लोगों को इतनी बड़ी मात्रा में सत्यानाशी का तेल मिला कैसे क्योंकि इसका पौधा जंगली और कंटीला होता है जिसमें पीले फूल निकलते हैं। आमतौर पर सभी लोग जानते हैं कि यह जहरीला होता है तो इसे जानबूझ कर खाने का तो सवाल ही नहीं उठता.
इस मामले में पूछताछ की गई तो पीड़ित परिवार के भतीजे सूरज ने बताया कि शिवचंद राजभर जो कि कर्नाटक के बेल्लारी में श्रमिक का काम करता है, वह करीब 8-10 किलोग्राम सत्यानाशी के बीज कर्नाटक से ही लेकर आया था. शिवचंद घुटनों के दर्द से परेशान था और उसको बेल्लारी के लोगों ने ही दर्द से राहत के लिए सत्यानाशी के तेल से मालिश का नुस्खा बताया था .
मालिश के लिए लाया था लेकिन खाने के तेल में मिल गया
शिवचंद ने मई के आखिरी सप्ताह में सत्यानाशी का तेल पेरवाया था और वह इसका इस्तेमाल मालिश में करता था लेकिन किसी तरह से यह तेल और घर में रखा सरसो का तेल आपस में मिल गए और परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी. जून के आखिर में शिवचंद कर्नाटक वापस लौट गया, इधर उसके परिवार के लोग जिनमें 80 वर्षीय मां, 45 वर्षीय पत्नी, 20 वर्षीय बेटी और 25 वर्षीय बेटा इसे अनजाने में खाने के तेल के रूप में इस्तेमाल करते रहे.
धीरे-धीरे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, इसकी सूचना उन्होंने शिवचंद को दी तो वह जुलाई के आखिरी सप्ताह में वह लौटा लेकिन तब तक परिजनों की तबीयत काफी बिगड़ चुकी थी. 29 अगस्त को सबसे पहले शिवचंद की पत्नी की मौत हुई उसके बाद मां और बेटी की भी मौत हो गई. शिवचंद ने भी उसी तेल से बनी सब्जी खाई थी जिससे उसकी भी तबीयत बिगड़ गई.
डॉक्टरों के अनुसार सत्यानाशी के तेल में सेंगुइनेरिन नाम का जहरीला अल्कलाइड होता है जो कई तरह की बीमारियां पैदा कर सकता है।
गौरतलब है कि घटना के बाद शुरुआती जांच में परिवार समेत घर के अगल-बगल के कुल 30 नमूने लिए गए थे, जिनमें दो नमूनों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई थी। हालांकि, एम्स गोरखपुर की जांच में सत्यानाशी के तेल के सेवन की जानकारी सामने आने के बाद मामले की एक अहम वजह सामने आई है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Breaking News और बलिया की तमाम खबरों के लिए आप सीधे हमारी वेबसाइट विजिट कर सकते हैं.
Website: https://ballialive.in/
Facebook: https://www.facebook.com/BalliaLIVE
X (Twitter): https://twitter.com/ballialive_
Instagram: https://www.instagram.com/ballialive/
Threads: https://www.threads.net/@ballialive
अब बलिया की ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए बलिया लाइव का Whatsapp चैनल FOLLOW/JOIN करें – नीचे दिये गये लिंक को आप टैप/क्लिक कर सकते हैं.
https://whatsapp.com/channel/0029VaADFuSGZNCt0RJ9VN2v
आप QR कोड स्कैन करके भी बलिया लाइव का Whatsapp चैनल FOLLOW/JOIN कर सकते हैं.

