गंगा नदी की बाढ़ व कटान से बेघर एक पीड़ित परिवार के लिए बुधवार की सुबह ‘काली’ साबित हुई, जहां करंट की चपेट में आने से परिवार के मुखिया की मौत हो गयी. इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है.
गंगा नदी की बाढ़ व कटान से बेघर एक पीड़ित परिवार के लिए बुधवार की सुबह ‘काली’ साबित हुई, जहां करंट की चपेट में आने से परिवार के मुखिया की मौत हो गयी. इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है.
मुख्यमंत्री का आदेश भी बेअसर, नहीं मिली ठौर, विधायक की बात भी नहीं सुनते अधिकारी, बाढ़ और कटान पीड़ितों में आश्रय ढूंढने की होड़, कटानरोधी कार्यों में भ्रष्टाचार का बोलबाला – विनोद सिंह
सपा जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव ने कहा कि बैजनाथ यादव जी के निधन से पार्टी को अपूर्णीय क्षति हुई है
विभाग और ठेकेदारों की मंशा यही है कि बाढ़ का पानी बढ़ जाए तो सारा काम उसी में पूरा दिखा कर भुगतान उठा लिया जाए – विनोद सिंह
अब गंगा मैया पर ही भरोसा बचा है. बैरिया विधानसभा क्षेत्र के गंगा तटवर्ती गांव की डेढ़ लाख आबादी सहमी हुई है. बाढ़ कटान से सुरक्षा के लिए गंगा की धारा को मोड़ने के लिए चल रहे ड्रेसिंग कार्य और पारकोपाइन पद्धति से हो रहे कार्य पर प्रभावित ग्राम वासियों को उतना भरोसा नहीं, जितने दंभ भरा जा रहा है.
NDRF टीम रिंग बांध के घेरे के गांवों में लाउडस्पीकर से जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दे रही है. लोगों से जल्दी किसी सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह रही है.
बैरिया में शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. सुबह ही एसडीएम व तहसीलदार के चेंबरों का ताला कटान पीड़ितों ने बंद कर दिया.
केहरपुर, गोपालपुर, दुबेछपरा, उदईछपरा के लोगों की रातों की नीद व दिन का चैन सब कुछ छीन गया है. यह के निवासी बरसात शुरु होने से खत्म होने तक घूंट घूंट कर जीते हैं, न चैन से खाते हैं, न चैन की नीद सो पाते हैं.
जिला निर्वाचन अधिकारी गोविन्द राजू एनएस ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कुछ मतदेय स्थलों के बदलाव के सम्बन्ध में सुझाव लिया. कहा कि बदले गये मतदेय स्थलों के बारे में अगर कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो दो दिन के अंदर सम्बन्धित एसडीएम को दे सकते हैं.
दुबेछपरा रिंग बंधा टूटने के बाद आसपास के प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने में सैनिक स्कूल घोड़ाखाल (नैनीताल) के पूर्व छात्र भी उत्तर गए हैं.
बलिया तत्कालीन जिला प्रशासन व बाढ़ विभाग के अधिकारियों की अदूरदर्शिता के आरण अंततः शनिवार की दोपहर गंगा की लहरों ने रिंग बंधे को पराजित कर ही दिया. रिंग बन्धा टूटने से गोपालपुर, दूबेछपरा, उदईछपरा, प्रसाद छपरा आदि गांवों की लगभग 50 हजार आबादी पर मानों कहर टूट पड़ा है.
राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति भी गंभीर हो सकती है. इसको देखते हुए भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस बंधा पर लोगों का अधिक दबाव न हो इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों मीडिया कर्मियों तथा राजनेताओं के अलावे पब्लिक को जाने से मना किया जा रहा है
दुबेछपरा रिंग बंधा टूटने कि खबर पूरे जिले में जंगल के आग कि तरह फ़ैल गयी. लोग एक दूसरे से इसकी जानकारी लेकर दुबेछपरा रिंग बंधे की ओर भागे जा रहे हैं. आलम यह है कि रिंग बंधा टूटने के एक घण्टे के भीतर वहां लगभग दस हजार से भी अधिक लोग बाढ़ देखने पहुच गए.
प्राथमिक विद्यालय दुबेछपरा के सामने तेजधार के साथ गंगा का पानी दुबेछपरा गांव में दाखिल हो गया. गांव में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई. सभी लोग राष्ट्रीय राजमार्ग पर जा पहुंचे हैं. दुबेछपरा रिंग बंधा टूटने की खबर पाते ही जिला मुख्यालय पर मौजूद आजमगढ़ की मंडलायुक्त नीलम अहलावत, जिला अधिकारी गोविंद राजू एऩएस, पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी तथा आसपास की पुलिस व एनडीआरएफ की टीम जल पीएसी मौके पर पहुंच गई.
एनडीआरएफ के डीआईजी रणदीप राणा के दिशा निर्देशन में एनडीआरएफ की तीन टीमें लगातार दिन रात एक-कर बंधे को बचाने में जुटी हुई है. जिला प्रशासन तथा ग्रामीणों का सहयोग भी टीम को मिल रहा है.
ग्रामीणों के मेहनत रंग लाई. दुबेछपरा रिंग बांध अभी तक सुरक्षित. मौसम बिगड़ा जरूर, लेकिन बारिश नहीं हुई. प्रशासन और ग्रामीणों के सांझा प्रयास से बचाव कार्य जारी. गोपालपुर, दूबेछपरा व उदईछपरा के ग्रामीणों ने जागकर गुजारी रात.
आजमगढ़ मंडल की मंडलायुक्त नीलम अहलावत ने बुधवार को देर रात बलिया जनपद के दुबेछपरा रिंग बांध पर प्रभावित स्थल का स्थलीय मुआयना किया. साथ में मौजूद जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस, पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने उन्हें स्थिति से अवगत कराया.