बलिया. रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह और बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के बीच राजनीतिक रिश्ते से अलग खास पारिवारिक जुड़ाव भी था. उमाशंकर सिंह को मायावती अपना छोटा भाई मानती थीं और रक्षाबंधन पर राखी भी बांधती थीं.
पिछले साल 9 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर मायावती ने उमाशंकर सिंह को राखी बांधी थी. दोनों के बीच इस रिश्ते की झलक सार्वजनिक तौर पर भी देखने को मिलती रही. मायावती के लिए उमाशंकर सिंह केवल पार्टी के विधायक नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह थे.
6 मार्च 2025 को मायावती बीमार उमाशंकर सिंह से मिलने उनके घर भी गई थीं. यह मुलाकात दोनों के बीच रहे करीबी संबंध को बताती है. उमाशंकर सिंह के निधन के बाद भी मायावती ने उनके परिवार ढाढ़स बंधाया है.
उमाशंकर सिंह के निधन के बाद मायावती ने उनके बेटे युकेश से बात की और परिवार को हिम्मत दी. बोलीं, “हिम्मत नहीं हारना है. बसपा परिवार आपके साथ है. आगे बढ़ना है.”
उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिये बीएसपी नेता मायावती उनके लखनऊ आवास पर पहुंचीं. वहां उन्होंने उमाशंकर सिंह के अंतिम दर्शन किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
उमाशंकर सिंह रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक थे और क्षेत्र में लोकप्रिय नेता के रूप में उनकी पहचान थी. उनके निधन के बाद मायावती का उनके आवास पर पहुंचना और परिवार के सदस्यों से बात करना दोनों के बीच लंबे समय से रहे पारिवारिक जुड़ाव को सामने लाता है.
रक्षाबंधन पर राखी बांधने से लेकर बीमारी के दौरान घर जाकर मिलने और निधन के बाद परिवार को हिम्मत देने तक, मायावती और उमाशंकर सिंह का रिश्ता राजनीति की औपचारिकता से आगे दिखाई देता है. मायावती उन्हें छोटे भाई की तरह मानती थीं और उमाशंकर सिंह के परिवार के साथ भी उनका वही जुड़ाव बना रहा.
(बलिया लाइव ब्यूरो)

