बांसडीह (बलिया). सरयू नदी के तटवर्ती इलाकों में बढ़ते कटान और संभावित बाढ़ के खतरे के बीच शनिवार को केंद्र सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की संयुक्त प्रतिनिधि टीम महाराजपुर पहुंची. टीम ने नदी किनारे चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया और प्रशासन की राहत तैयारियों को भी परखा.
केंद्रीय राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और यूएनडीपी की प्रतिनिधि टीम में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (ट्रेनिंग) प्रवीण किशोर, प्रोजेक्ट एक्सपर्ट मानवेंद्र प्रताप सिंह तथा पॉलिसी एनालिस्ट शामिल रहे. एसडीएम डॉ. पुष्कर मिश्रा और तहसीलदार नितिन कुमार सिंह की मौजूदगी में टीम ने महाराजपुर में सरयू नदी पर कराए गए बाढ़ सुरक्षात्मक लांचिंग एप्रोन और स्टॉप लांचिंग कार्यों को देखा.
निरीक्षण के दौरान टीम ने संबंधित अधिकारियों से बाढ़ सुरक्षा कार्यों की तकनीकी जानकारी ली. साथ ही इन कार्यों की उपयोगिता और मौजूदा स्थिति का भी आकलन किया गया. टीम ने यह जानने की कोशिश की कि कटान और बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए किए गए सुरक्षा कार्य जमीन पर कितने प्रभावी हैं.
बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण करने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से किए गए इंतजामों की भी समीक्षा की. टीम ने संभावित राहत शिविरों, नावों की उपलब्धता और एनडीआरएफ की तैयारियों के बारे में जानकारी ली.
इसके अलावा राहत सामग्री के भंडारण, बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था और आपदा के दौरान त्वरित कार्रवाई की कार्ययोजना को भी परखा गया. टीम ने प्रशासन से कटान प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता के बारे में भी जानकारी ली.
सरयू के किनारे बसे महाराजपुर, भोजपुरवा और सुल्तानपुर पोखरा गांव इन दिनों कटान की चुनौती से जूझ रहे हैं. ऐसे में केंद्र सरकार और यूएनडीपी की टीम का दौरा स्थानीय लोगों के लिए उम्मीद बढ़ाने वाला माना जा रहा है.
निरीक्षण के बाद टीम ने क्षेत्र की संवेदनशीलता, बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता और राहत तैयारियों से जुड़ी जानकारी जुटाई. अधिकारियों के अनुसार, इन सभी बिंदुओं को विस्तृत रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा. रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी, जिससे क्षेत्र की स्थिति और तैयारियों की पूरी तस्वीर सामने आ सके.
रविशंकर पांडेय, बांसडीह

