आज़मगढ़ के श्री गांधी पीजी कॉलेज में प्रेमचंद जयंती की पूर्वसंध्या पर आयोजित परिसंवाद में वक्ताओं ने प्रेमचंद के साहित्य को सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों का दस्तावेज बताया. कार्यक्रम में साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता पर चर्चा के साथ लोकनृत्य और कविता पाठ का भी आयोजन किया गया.

