फिल्म की शुरुआत वाराणसी में गंगा के तट से होती है और बताया जाता है कि कैसे करघा उद्योग कहाँ से कहाँ पहुँच गया. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक इसकी जान है. यदि आप लीक से हटकर फिल्म देखने के शौकीन हैं और भारतीय कलाओं में रुचि रखते हैं तो निश्चित रूप से आपको लगभग एक घंटे की यह फिल्म पसंद आयेगी.
जम्मू – कश्मीर के विकास में बाधा थी अनुच्छेद 370. उन्होंने बताया कि उनकी मां भाई सभी जम्मू में है और जम्मू में लोग सरकार के इस फैसले से बेहद खुश हैं. सरकार ने भले वहां एहतियातन कर्फ्यू लगाए थे, लेकिन अब कर्फ्यू में ढील दी गई है. मुझे पूरी उम्मीद है कि कुछ सालों बाद जम्मू – कश्मीर की पहचान विकास और सकारात्मक चीजों के लिए होगी.
