Skip to content
18 September, 2026
  • Youtube
  • Facebook
  • Whatsapp
  • X
  • Instagram
  • Telegram
  • Threads
ballia live in

बलिया समाचार – Ballia News, Ballia खबर, Breaking News on Crime, Politics & more by बलिया LIVE

ना TV, ना अखबार… (सड़क से संसद तक) बस खांटी समाचार

cropped-cc-advert.png

बलिया लाइव VIDEOs

Primary Menu
  • जिला जवार
  • UP लाइव
  • CRIME डायरी
  • Campus रिपोर्ट
  • स्क्रीन TASTE
  • स्पेशल/Exclusive
  • ELECTION लाइव
  • बहरवासू
  • देश दुनिया
बलिया रेडियो LiVE
  • Home
  • लाइफ मंत्रा
  • गाँधी जयन्ती (2 अक्टूबर) पर विशेष: “प्रकृति संरक्षण के लिए समर्पित था गाँधीजी का जीवन दर्शन”
  • Featured Story
  • VIRAL न्यूज़
  • देश दुनिया
  • बलिया शहर
  • राजनीति
  • लाइफ मंत्रा
  • स्पेशल/Exclusive

गाँधी जयन्ती (2 अक्टूबर) पर विशेष: “प्रकृति संरक्षण के लिए समर्पित था गाँधीजी का जीवन दर्शन”

गाँधीजी ने कहा है कि, " मैं आपको एक मंत्र दे रहा हूँ. जब भी आप संशग्रस्त हों अथवा भ्रमित हों तो या स्वार्थ से वशीभूत हो जाएँ तो आप यह उपाय करके देखिए- "आप अपने सामने आए हुए किसी अति दरिद्र असहाय एवं लाचार व्यक्ति का चेहरा अपने आँखों के सामने लाइए और आपने जो योजना तैयार की है, उस योजना से वह व्यक्ति लाभान्वित होगा कि नहीं? आप स्वयं से ऐसा प्रश्न कीजिए. इस प्रश्न को जो उत्तर मिलेगा, वही वास्तव में विकास एवं प्रगति को मापने का मापक होगा."
Central Desk 2 October, 2021 1 minute read

Share PLEASE:

  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
  • Tweet
  • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
gandhi-jayanti

बलिया.अमरनाथ मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय दूबेछपरा, बलिया के पूर्व प्राचार्य एवं वर्तमान में जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के शैक्षणिक निदेशक पर्यावरणविद् डा० गणेश पाठक ने बलिया लाइव को एक भेंटवार्ता में बताया कि महात्मा गाँधीजी का सम्पूर्ण जीवन प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण के लिए समर्पित रहा. वर्तमान समय में महात्मा गाँधी के पर्यावरण संरक्षण संबंधी विचारों की उपादेयता और बढ़ गयी है. हम जानते हैं कि न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में मानव की भोगवादी प्रवृत्ति एवं विलासितापूर्ण जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु एवं अनियोजित तथा अनियंत्रित विकास हेतु जिस तरह से प्रकृति का अंधाधुंध दोहन एवं शोषण किया गया और किया जा रहा है ,उससे सम्पूर्ण पृथ्वी कराह उठी है. प्रकृति में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गयी है, जिसके चलते प्राकृतिक आपदाएँ हमसे बदला लेने एवं हमारा विनाश करने हेतु तत्पर हैं.

 

उपर्उक्त तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में यदि हम गाँधी जी पर्यावरण संबंधी विचारों पर दृष्टपात करें तो यह यह बात स्पष्टतया समक्ष में आ जा रही है कि गाँधी जी के विचार आज विशेष प्रासंगिक हो गये हैं. यद्यपि कि गाँधी जी सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण संबंधित विचार प्रस्तुत नहीं किए हैं, किन्तु अप्रत्यक्ष रूप से उनके द्वारा प्रस्तुत सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, स्वच्छता, प्रेम, दया, उनका आश्रम जीवन, खादी आन्दोलन, निसर्गोपचार अर्थात् प्राकृतिक चिकित्सा, स्वदेशी आंदोलन, कुटीर उद्योग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था संबंधी विचार, श्रम एवं रोजगार संबंधी विचार, सादा जीवन, उच्च विचार, असंग्रह आदि ऐसे उनके विचार हैं, जिनके अध्ययन से यह बात स्पष्ट हो जा रही है कि गाँधी जी के विचारों में पर्यावरण संरक्षण की भावना एवं विचार कुट – कुट कर भरे हैं. हम आप सभी जानते हैं कि गांधी जी को आश्रम जीवन पद्धति अर्थात् प्राकृतिक जीवन शैली के आधार पर जीवनयापन से विशेष प्रेम था, जो उनके पर्यावरण संरक्षण की भावना की तरफ इंगित करता है.

 

 

इसी तरह गाँधी जी ‘निसर्गोपचार‘ अर्थात् प्राकृतिक चिकित्सा पत्धति के हिमायती थे, जिनमें किसी भी तरह से प्रकृति का क्षरण नहीं होता है. गांधी जी अहिंसा के पुजारी थे और उनका मत था कि किसी भी तरह का शोषण हिंसा है. इस आधार पर कहा जा सकता है कि प्रकृति अर्थात् पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के तत्वों को दोहन एवं शोषण भी एक प्रकार की हिंसा है. प्राकृतिक संसाधनों को समाप्त कर हम हिंसा ही करते हैं. आज सबका एक ही लक्ष्य हो गया है – येन- केन प्रकारेण सुख- सम्पति एवं सुविधा बढ़ाने हेतु संसाधनों का शोषण करना, जो अंततः विनाशकारी ही सिध्द हो रहा है. इस शोषण की आपा-धापी से बचने गाँधी जी ने एक मंत्र दिया है. गाँधीजी ने कहा है कि, ” मैं आपको एक मंत्र दे रहा हूँ. जब भी आप संशग्रस्त हों अथवा भ्रमित हों तो या स्वार्थ से वशीभूत हो जाएँ तो आप यह उपाय करके देखिए- “आप अपने सामने आए हुए किसी अति दरिद्र असहाय एवं लाचार व्यक्ति का चेहरा अपने आँखों के सामने लाइए और आपने जो योजना तैयार की है, उस योजना से वह व्यक्ति लाभान्वित होगा कि नहीं? आप स्वयं से ऐसा प्रश्न कीजिए. इस प्रश्न को जो उत्तर मिलेगा, वही वास्तव में विकास एवं प्रगति को मापने का मापक होगा.” गाँधी जी के इस उपाय में निश्चित तौर पर प्रकृति संरक्षण की अवधारणा छिपी हुई है.

गाँधीजी के सत्य, प्रेम एवं अहिंसा के विचार में यदि अहिंसा को देखा जाय तो उनकी अहिंसा से पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में उनकी अहिंसा से तात्पर्य है – स्वयं जीवनयापन करते हुए दूसरों को भी जीने में सहायता करें” इस विचारधारा के आधार उन्होंने सम्पूर्ण प्रकृति के कारकों को शामिल किया है. वे प्रकृति के पाँच मूलभूत तत्वों- क्षिति, जल, पावक, गगन एवं समीर की बात करते हैं और उन्हें सुरक्षित तथा संरक्षित करने की बात सोचते हैं. गाँधीजी का कहना है कि ” प्रकृति में सभी की आवश्यकताओं की पूर्ति करने की क्षमता है, किंतु उसमें एक भी व्यक्ति की लोभ को पूरी करने की क्षमता नहीं है.” यह विचारधारा उनकी भोग – लालसा के खिलाफ बोले गये विचारों में है. आवश्यकताओं के आधार पर जीवन जीने का उनका विचार प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण की तरफ ही इंगित करता है.

गांधी जी के यदि हम खादी आंदोलन के विचार को देखें तो यह पाते हैं कि खादी मात्र एक वस्त्र की विचारधारा नहीं है, बल्कि एक पूरी जीवन प्रणाली है। पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण की दृष्टि यह सर्वोत्तम विचार है. गाँधीजी का स्वच्छता संबंधी विचार तो सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण भगाने की विचारधारा से ओत-प्रोत है. स्वच्छता एवं स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं और स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन बसता है. जहाँ मन स्वस्थ होगा, वहाँ हिंसा नहीं होगी और हिंसा नहीं होगी तो प्रकृति का विनाश नहीं होगा.
इस तरह यदि देखा जाए तो गाँधीजी की जीवनचर्या पूर्णरूपेण प्रकृति: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के तत्वों के संरक्षण के लिए समर्पित थी. उनके कार्य, उनके विचार, उनके सिद्धांत , उनकी जीवन शैली आदि सभी पक्ष सम्पूर्ण प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए समर्पित था. आज पुनः हमें गाँधीजी के विचारों को अपनाने की आवश्यकता है तभी प्रकृति को बचाया जा सकता है.

Related

Tags: गांधी जयंती चंद्रशेखर विश्वविद्यालय पर्यावरण बलिया महात्मा गांधी विशेष

Post navigation

Previous: बहुभाषी देशों में अनुवाद के बिना राष्ट्रीयता की परिकल्पना नहीं की जा सकती – डाॅ अजय कुमार चौबे
Next: उभांव थाना परिसर में धूमधाम से मनाई गई गांधीजी और शास्त्रीजी की जयंती

ये भी पढ़ें

PM Modi Birthday veer Lorik 1
  • जिला जवार
  • बलिया शहर

Ballia-प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर वीर लोरिक स्टेडियम में मंत्री दयाशंकर सिंह ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’

General Desk 17 September, 2026
Ballia Sapa Sunil
  • जिला जवार
  • बलिया शहर

Ballia News: सुनील कुमार मौर्य बने समाजवादी पार्टी बलिया के जिलाध्यक्ष

General Desk 16 September, 2026
Haldi Thana Diwas
  • जिला जवार
  • बलिया शहर

Ballia-थाना दिवस में पहुंचे सिर्फ दो फरियादी, दोनों मामलों का मौके पर हुआ समाधान

General Desk 13 September, 2026

Recent Posts

  • Ballia-प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर वीर लोरिक स्टेडियम में मंत्री दयाशंकर सिंह ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’
  • Ballia-विधायक केतकी सिंह ने रंगोली बनाकर, दीया जलाकर मनाया पीएम मोदी का जन्मदिन
  • Ballia-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सफाई, वृक्षारोपण के साथ स्वच्छता मित्रों का हुआ सम्मान
  • ग्राम प्रधान पर मुकदमा दर्ज होने के बाद एडीओ पंचायत को बनाया गया ग्राम पंचायत का प्रशासक
  • Ballia-पिता के हत्यारों से परिवार को खतरा! मुख्यमंत्री से मिलने की मांग पर अड़ी पूर्व सीआरपीएफ जवान की पुत्री
  • Ballia: सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से की गई पूजा, विशाल भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
  • Ballia-उमेश चौरसिया हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार
  • Ballia News: सुनील कुमार मौर्य बने समाजवादी पार्टी बलिया के जिलाध्यक्ष
  • उमेश हत्याकांड: परिजनों का दाह संस्कार से इनकार, बुलडोजर एक्शन और एनकाउंटर की मांग
  • Ballia-शौच के लिए गए बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, सर्पदंश की आशंका
  • Ballia-पूर्व सीआरपीएफ जवान हत्याकांड का 25 हजार का एक इनामी आरोपी अब भी फरार, पुलिस ने मांगा जन-सहयोग
  • Ballia-अमरेश हत्याकांड के मुख्य आरोपी रामकरण सिंह का बलिया सीजेएम कोर्ट में समर्पण, तीन पुलिस टीमों-एसटीएफ को दिया चकमा
  • Ballia-महिला की शिकायत पर अश्लील वीडियो वायरल करने के आरोप में तीन लोगों पर केस
  • Ballia-उभांव थाना क्षेत्र में चार दिन में दो हत्याओं से सनसनी, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
  • Ballia-सीएचसी बांसडीह के एंबुलेंस ड्राइवर की पिटाई, अस्पताल परिसर में ही 5 लोगों ने किया हमला!
  • Ballia-शहीद बिजेंद्र को किया गया नमन, पाकिस्तानी आतंकियों से लोहा लेते दिया था सर्वोच्च बलिदान
  • Ballia-मारपीट में घायल युवक की मौत, 15 दिन पुराने विवाद को लेकर फिर हुआ था झगड़ा
  • Ballia-सांसद के आवास परिसर में लगे टॉवर पर चढ़कर युवक ने मचाया हंगामा
  • Ballia-अश्लील फोटो-वीडियो भेजने के आरोपी को बांसडीह पुलिस महाराष्ट्र से गिरफ्तार करके ले आई
  • Ballia-साथी सिपाहियों के साथ पार्टी करने गए सिपाही का शव पानी भरे गड्ढे में मिला, बांसडीह कोतवाली में थी तैनाती
  • Ballia-जमीन के पुराने विवाद में पट्टीदारों में मारपीट, एक की हालत गंभीर
  • Ballia-विधायक ने काली माता स्थान से चंद्रोल तक सीसी रोड का किया लोकार्पण
  • Ballia-यूजीसी रोल बैक और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सवर्ण एकता मंच का प्रदर्शन
  • Ballia-सरयू का पानी दो दिन से घट रहा लेकिन मुसीबतें कायम, कई गांवों में अभी भी नाव ही सहारा
  • Ballia-नहाने गए 22 वर्षीय युवक की नदी में डूबने से मौत, इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम

You may have missed

PM Modi Birthday veer Lorik 1
  • जिला जवार
  • बलिया शहर

Ballia-प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर वीर लोरिक स्टेडियम में मंत्री दयाशंकर सिंह ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’

General Desk 17 September, 2026
Ketki Singh Rangoli
  • जिला जवार
  • बांसडीह

Ballia-विधायक केतकी सिंह ने रंगोली बनाकर, दीया जलाकर मनाया पीएम मोदी का जन्मदिन

General Desk 17 September, 2026
belthra safai
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

Ballia-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सफाई, वृक्षारोपण के साथ स्वच्छता मित्रों का हुआ सम्मान

General Desk 17 September, 2026
ADO Panchayat MK SINGH
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

ग्राम प्रधान पर मुकदमा दर्ज होने के बाद एडीओ पंचायत को बनाया गया ग्राम पंचायत का प्रशासक

General Desk 17 September, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Youtube
  • Facebook
  • Whatsapp
  • X
  • Instagram
  • Telegram
  • Threads
© 2012 - 2026 Ballia LiVE | All rights reserved.