बैठक में जिलाधिकारी ने फार्म-6, फार्म-7, फार्म-8 की जानकारी ली. निर्देश दिया कि समय रहते कार्यवाही पूरी कर ली जाए. साथ ही इस बार मतदान में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाए.
बैठक में जिलाधिकारी ने फार्म-6, फार्म-7, फार्म-8 की जानकारी ली. निर्देश दिया कि समय रहते कार्यवाही पूरी कर ली जाए. साथ ही इस बार मतदान में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाए.
जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ सुरेश गोड ने कहा कि आम लोगों तक होम्योपैथिक चिकित्सा का इलाज आसानी से पहुंच सके इसके लिए समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा मेला का आयोजन आगे भी समय-समय पर होता रहेगा.
बच्चे डांस म्यूजिक व एक्टिंग के प्रति उत्सुक हैं लेकिन उनको सही मार्गदर्शन नहीं मिलने से वह पिछड़ जाते हैं और उनकी कला वहीं समाप्त हो जाती है, लेकिन हम लोगों का मकसद है ऐसे हुनरमंद बच्चों को आगे तक पहुंचाना.
प्रदेश प्रदेश सरकार ने ब्लॉक स्तर पर डेंगू के रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम बनाने छिड़काव व अस्पतालों की व्यवस्था के निर्देश जारी कर चुकी है. किंतु उसका कोई भी असर यहां धरातल पर नहीं दिखता है.
प्रदेश अध्यक्ष अवधेश मिश्र ने उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जो कुछ भी हमे प्राप्त है वह सब संगठन के बूते ही मिला हैं. इस संगठन की नीव 1973 में पड़ी जब इतना संसाधन नही था. उस समय से संघर्षों के बल पर ही हमलोग यहां तक पहुंचे हैं. संघर्ष कभी हारता नही है, देर सबेर सफलता अवश्य मिलती हैं. उसी प्रकार आप की पेंशन भी देर सबेर अवश्य मिलेगी. संगठन उसकी लड़ाई लड़ रहा हैं.
शिविर का उद्घाटन फीता काटकर मुख्य चिकित्साधिकारी/उपाध्यक्ष इण्डियन रेड क्रास सोसायटी डॉ जयंत कुमार एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ दिवाकर सिंह ने संयुक्त रूप से किया.
जांच दल ददरी मेला में 16 से 18 नवम्बर तक खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अर्न्तगत प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही एवं नमूना संकलन करेंगे.
पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ जी अपने संबोधन में सनातन धर्म की रक्षा के लिए उनकी मांगों पर प्रकाश डाला और सनातन धर्म के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया. प्रत्येक सनातनी को अपने अनुसार धर्म की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए. तो वही अनिल शुक्ला ने बताया कि पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जी एक बहुत ही बड़े सनातन धर्म के प्रचारक के रूप में कार्य करते हैं और साथ ही हिंदू धर्म को आगे ले जाने के लिए उनका हमेशा पूरा समर्पण आता है. वर्तमान स्थिति यह है कि कि सनातन धर्म अब आगे की तरफ बढ़ रहा है.
पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने स्मारक की दयनीय स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि- लगता है कि अर्से से यहां कोई अधिकारी या नेता आया ही नहीं है? मंगल पांडे की जन्मतिथि को लेकर पैदा हुए विवाद पर श्री कुलश्रेष्ठ ने कहा कि मंगल पांडे ने शास्त्र पढ़ना छोड़कर, शस्त्र उठाकर ब्रिटिश हुकूमत को हिला कर रख दिया था। इस धरती के लोग और शहीद के परिजन उनकी जन्मतिथि 30 जनवरी 1831 को मानते हैं तो वही सही है.
संस्था में जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कुल गुमशुदा 25 संवासिनियों का आधार कार्ड कैम्पस में ही बनाया गया था जिसमें से 17 आधार डुब्लीकेट प्राप्त हुए तथा 08 संवासिनी का आधार कार्ड प्राप्त होने पर उन्हें अपने गृह जनपद बलिया, आजमगढ़, देवरिया, भागलपुर बिहार, एंव गाजीपुर अभिभावक के संरक्षण में सुपुदर्ग किया/ पुर्नवासन की कार्यवाही की गयी.
गंगा दूतों को संबोधित करते हुए नमामि गंगे के जिला परियोजना अधिकारी शलभ उपाध्याय ने कहा कि गंगा नदी हम सब के लिए आस्था कि केंद्र बिंदु है. गंगा नदी का संरक्षण समय की मांग है, इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। उन्होंने गंगा के धार्मिक, आर्थिक और सामाजिक महत्व के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि गंगा सभी नदियों का प्रतिनिधित्व करती है.
अग्निपथ योजना राष्ट्र के सामरिक शक्ति के संवर्धन में सहायक बिंदु पर अंतर महाविद्यालयी प्रतियोगिता का आयोजन सतीश चंद्र कॉलेज बलिया में किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर बैकुंठ नाथ पांडेय ने किया.
भारतीय अन्तर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय भारत सरकार जलमार्ग विकास परियोजना के अन्तर्गत बलिया जिले में मालवाहक जहाजों वातानुकूलित क्रूज को ठहरने के लिए पहला जेट्टी सरंयां में स्थापित कर दिया गया जिसका शुक्रवार को सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं जेट्टी पर फीता काटकर इसका उद्घाटन किया.
उद्घाटन के पश्चात सांसद ने जलमार्ग प्राधिकरण की पानी कीजहाज में बैठ कर गंगा नदी में लुत्फ उठाया.
विशिष्ट अतिथि कॉलेज के प्राचार्य ओमप्रकाश नारायण पांडेय ने कहा कि गंगा को वास्तविक रूप से स्वच्छ करने के लिए हमें लोगों को गंगा के सामाजिक, आर्थिक तथा कृषि क्षेत्र में महत्व के बारे में धरातल पर जागरूक करना होगा. कहा कि गंगा भारत की मुख्य प्राणधारा है.
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया श्री जितेन्द्र कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के न्यायाधीश/सचिव, सर्वेश कुमार मिश्र के संचालन में आज दिनांक 10/11/2022 को माननीय महोदय के विश्राम कक्ष में समस्त अपर जनपद न्यायाधीश व फाइनेन्स कम्पनी के प्रबन्धक/अधिवक्तागण के साथ प्री-ट्रायल बैठक, राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 12.11.2022 को व्यापक रूप से सफल बनाने के उद्देश्य से की गयी.
बलिया। जनपद न्यायालय से सेवानिवृत्त कर्मचारीगण में से जनपद न्यायालय में कुल-93 रिक्त पदों के सापेक्ष पुनर्नियुक्ति किए जाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जनपद न्यायालय से सेवानिवृत्त ऐसे कर्मचारीगण जिनकी आयु 65 वर्ष …
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे गंगा दूतों को संबोधित करते हुए जिला परियोजना अधिकारी शलभ उपाध्याय ने कहा कि जब हम अपनी धार्मिक पुस्तकों पर नजर डालते हैं तो पता चलता है कि जिस गंगा की आज हम अवहेलना कर रहे हैं उसे धरती पर लाने के लिये भागीरथ ने वर्षों तपस्या की थी. भगवान विष्णु के चरणों से निकलकर भगवान शिव की जटाओं में बहने वाली गंगा अति पवित्र ही नहीं, जीवनदायिनी भी हैं.
मंत्री देर शाम को ही गंगा नदी के संगम तट पर पहुंच गए और व्यवस्थाओं का जायजा लिए. उन्होंने स्नान पर्व पर पहुंचने वाली अपार भीड़ के मद्देनजर अधिकारियों से पूरी तैयारी के बारे में जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए.
सभी जनसामान्य को यह भी अवगत कराया गया कि दिनांक 12.11.2022 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी प्रकार के मामलों, जो जुर्माने से दंडनीय हो अथवा पारिवारिक विवाद, जमीनी विवाद, बिजली के मामले, टेलीफोन बिल के मामले, टैक्स के मामले, चेक बाउंस के मामले, राजस्व सम्बन्धित मामलें, सुलह योग्य फौजदारी मामले एवं प्री-लिटिगेशन स्तर के वैवाहिक मामलें इत्यादि का पूर्ण और प्रभावी समाधान प्राप्त कर सकते हैं, अतः आप अपने या अपने किसी परिचित के उपरोक्त विवादों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित करावें तथा इस सस्ते, सुलभ न्यायिक प्रक्रिया का लाभ उठायें.
समापन मंगलवार के दिन भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के शोध प्रमुख कुसुम पाठक ने प्रमाण पत्र वितरण करके किया. प्रशिक्षण में गांव की 45 महिलाओं ने दस दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना स्वयम का रोजगार स्थापित करने के लिए तैयार हुई.