पहलवानों के आरोपों की जांच सिटिंग जज से हो : कान्हजी

Deaths due to heatwave worrying

बलिया. देश के होनहार पहलवानों द्वारा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिया जा रहा धरना दुर्भाग्यपूर्ण है. ये वही पहलवान हैं जो देश के लिए लड़ते हैं और देश का सम्मान बढ़ाते हैं. यह पहलवान जब देश का मस्तक दुनिया में ऊंचा उठा कर के स्वदेश आते हैं तो उनके साथ फोटो खिंचवाने और उसका श्रेय लेने की ओर से लग जाती है लेकिन आज वही पहलवान जब अपनी आपबीती और अपने संघ के कुरीतियों का विरोध कर रहे हैं तो उनकी बात को अनसुना किया जा रहा है.

यह निंदनीय है. पहलवान किसी दल या किसी क्षेत्र विशेष के नहीं बल्कि भारत के स्वाभिमान हैं. देश के गौरव हैं. सत्ता में बैठे तथाकथित राष्ट्रवादी लोगों को इन असली राष्ट्रवादी पहलवानों की बातों को सुनकर उचित कार्रवाई करना चाहिए. उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, उसकी जांच किसी कार्यरत न्यायाधीश की देखरेख में कराना चाहिएं जो भी दोषी हो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि यह कार्रवाई एक उदाहरण बने और भविष्य में इस तरह की शिकायतें न आए.

उक्त बातें समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने शुक्रवार को प्रेस को जारी अपने एक बयान में कही. कान्हजी ने कहा कि इन आरोप-प्रत्यारोप से देश का नाम पूरे दुनिया में बदनाम हो रहा है. खेल जैसे पद पवित्र भावना वाली चीज कलंकित हो रही है. इन कलंकित करने वाली ताकतों के खिलाफ कार्यवाही अवश्य होनी चाहिए.

बलिया से ओम प्रकाश पाण्डेय की रिपोर्ट