शनिवार की दोपहर आंगन में गिरी आकाशीय बिजली से तीन महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गयीं
शनिवार की दोपहर आंगन में गिरी आकाशीय बिजली से तीन महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गयीं
सावधानी और तैयारी ही एकमात्र तरीका है जिसके द्वारा वज्रपात के खतरे को कम किया जा सकता है या उसके प्रभाव से बचा जा सकता है.
रोकथाम के लिए जरूरी उपाय जैसे हाथ को साबुन या सेनिटाइजर से साफ करने, नाक और मुंह पर बार-बार हाथ न लगाने, खांसी होने पर रूमाल या मास्क लगाकर रखने के लिए कहा.
कछुआ बसरिकापुर गांव में पशुपालन विभाग के सौजन्य से आयोजित पंडित दीनदयाल पशु आरोग्य शिविर में सैकड़ों पशुओं का मुफ्त टीकाकरण और दवा बांटी गयी.
पशुपालन विभाग द्वारा स्थानीय राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रांगण में सोमवार को ग्लैंडर्स और फ़ारसी बीमारी संबंधी एक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया.
लोगों को कुपोषण के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक ‘जश्न-ए-सुपोषण’ पूरे शहर और ददरी मेले में पेश किया गया. एनीमिया के लक्षण और बचाव के तरीके भी बताये.
जिला अस्पताल में डेंगू के लक्षण वाले मरीजों का आना जारी है. इलाज का पर्याप्त प्रबंध न होने से मरीजों को वाराणसी या दूसरे शहरों में जाना पड़ रहा है.
NDRF टीम रिंग बांध के घेरे के गांवों में लाउडस्पीकर से जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दे रही है. लोगों से जल्दी किसी सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह रही है.
कोई चुनौतीपूर्ण काम के सवाल पर कमांडर गोपी गुप्ता ने कहा कि पिछले दिनों दया छपरा में टापू में फंसे चार लोगों को बचाकर निकालना काफी चुनौती भरा था.
11 वीं वाहिनी NDRF की दो टीमें 06 नावों और 50 बचाव कर्मियों के साथ दुबे छपरा में तैनात हैं. टीमों में गोताखोर,पैरामेडिक्स, टेकनीशियन शामिल हैं. वे डीप डाइविंग सेट, लाइफ ब्वॉय, लाइफ जैकेट और अन्य बचाव उपकरणों के साथ लैस हैं.
DM भवानी सिंह खंगारौत की अध्यक्षता में माध्यमिक विद्यालय बरवा में संक्रामक रोग नियंत्रण से बचाव के बारे में बताया. उन्होंने.झोलाछाप से बचने की सलाह दी.
सरकार भले ही गंगा व घाघरा नदी कटान से बचाव के लिये लाख प्रयास करे. लेकिन बाढ़ विभाग के अधिकारी सरकार के प्रयासों पर पानी फेरने से बाज नहीं आ रहे है.
पुलिस लाइन से वायु सेना का हेलीकॉप्टर लेकर भोजन के पैकेट शनिवार को बाढ़ प्रभावित गांवों में गिराए गए.
बलिया LIVE गली मोहल्लों से लेकर सोशल मीडिया तक – न्यूज, व्यूज और ओपिनियन का ऑनलाइन फोरम है.
बाढ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य तेजी से किया जा रहा है. एनडीआरएफ की 05 टीमें व 03 फ्लड पीएसी बचाव कार्य में लगी हुई है. बुधवार तक बाढ से प्रभावित गांवों की संख्या 192 तथा प्रभावित जनसंख्या 01 लाख 87 हजार 127 हो गयी है. कुल प्रभावित पशुओं की संख्या 9085 हो गयी है.
मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर गायघाट पर 60.310 मी है, जो बढ़ाव पर है. घाघरा नदी का जलस्तर डीएसपी हेड गेजस्थल पर 63.200 मी है और घटाव पर है. टोंस का जलस्तर पिपरा घाट पर 61.90 मी है, जो बढ़ाव पर है.