पुलिस के आने से पहले महिला के शव को घरवालों द्वारा फंदे से उतारा जा चुका था. परिजनों के अनुसार कमलावती के आत्महत्या की कोई वजह नहीं थी. 15 वर्ष पहले कमलावती का रुकुनपुरा के राजधारी चौहान से विवाह हुआ था. उनके दो बच्चे भी हैं.
पुलिस के आने से पहले महिला के शव को घरवालों द्वारा फंदे से उतारा जा चुका था. परिजनों के अनुसार कमलावती के आत्महत्या की कोई वजह नहीं थी. 15 वर्ष पहले कमलावती का रुकुनपुरा के राजधारी चौहान से विवाह हुआ था. उनके दो बच्चे भी हैं.
लोगों का कहना था कि लगभग एक सप्ताह बाद भी न तो हत्या का खुलासा ही हुआ और नाही किसी भी नामजद हत्यारोपी की गिरफ्तारी ही हुई. ऐसे में हम लोगो का धैर्य व विश्वास बैरिया पुलिस की कार्य प्रणाली से उठता जा रहा है. अगर एक सप्ताह में हरेराम के हत्यारों की गिरफ्तारी नही होती है तथा हरेराम हत्याकांड मामले में पुलिस द्वारा किसी भी तरह की लीपापोती किया जाता है तो हम गांव वाले पैदल ही हजारों की संख्या में हेवंतपुर से चलकर बलिया पुलिस कप्तान का घेराव करने को विवश होंगे. जिसकी सभी जिम्मेदारी एसएचओ बैरिया धर्मवीर सिंह की होगी.
सोमवार को कम्पनी के अन्य कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था. काफी देर तक आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी. पुलिस नें दरवाजा तोड़वाया तो अमित का शव पंखे से लटक रहा था. इससे सभी अवाक रह गए. उसकी चार दिन बाद सगाई थी.
गोरक्ष प्रान्त के प्रान्त सह मंत्री और बलिया के जिलाध्यक्ष मंगलदेव चौबे ने कैम्प कार्यालय जापलिनगंज,दुर्गा मंदिर पर विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा. उन्होंने आगे कहा कि, गांधी और बुद्ध को मानने वाले इस देश के लोग भगत और आजाद को भी पूजते है. इसलिए उन इस्लामिक उन्मादियों और जेहादियों को फांसी की सजा से कम सजा हर्म स्वीकार्य नहीं है.
नरही थाना क्षेत्र के कथरिया गांव निवासी धनंजय राजभर उम्र 25 पुत्र जयराम जो पिछले एक दशक से मानसिक विमारी का इलाज करा रहा था कि शुक्रवार की सुबह परिवार के लोग घर से बाहर गए थे इसी बीच धनंजय अपने कमरे में अंदर से दरवाजा बंद पंखे के हुक में रस्सी बांध कर फांसी पर लटक गया.
कथरियां गांव निवासी नंदलाल राम 45 वर्ष पुत्र फूलचंद राम एक पैर से मामूली विकलांग था पहले 112 पर फांसी लगाने की सूचना दिया इसके बाद मंगलवार की दोपहर करीब 2:30 बजे गांव के बाहर आम के पेड़ पर गमछे को फंदा बनाकर लटक गया और अपनी जान दे दी.
पुलिस लाइन में तैनात बलिया जिले के बांसडीह निवासी आरक्षी बब्बन राम (55) ने मंगलवार देर रात आदर्श बैरक में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.
सहतवार. क्षेत्र के महाराजपुर में संदिग्ध परिस्थिति में एक युवक फंदे से लटका मिला. सूचना पर पहुंची सहतवार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बलिया भेज दिया . बताया जा …
नमस्कार! बलिया LIVE पर आप सभी का बहुत बहुत स्वागत है. ये पेज आप सभी को एक साथ कम समय में सभी खबरें उपलब्ध कराने के मकसद से बनाया गया है. जब भी आपके पास थोड़ा वक्त हो इस पेज को एक बार देख लें – आपको ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट के साथ साथ बीती घटनाओं का फॉलो अप भी मिलता रहेगा.
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कैदी का शव शौचालय में मिला तो पूरी जेल में हड़कंप मच गया. जेलकर्मियों ने तत्काल डीआईजी जेल सहित जिले के आला अधिकारियों को घटना की जानकारी दी.
निर्भया गैंगरेप मामले (निर्भया कांड) में सुप्रीम कोर्ट चार दोषियों में से तीन की पुनर्विचार याचिका पर आज यानी सोमवार 9 जुलाई को फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने तीनों दोषियों की याचिका खारिज कर दी है और अब उनकी फांसी की सजा को उम्र कैद में नहीं बदला जाएगा.
थाना क्षेत्र के हरदिया जमीन गांव में परिवारिक कलह से उबी 25 वर्षीय विवाहिता मंसा देवी फांसी के फंदे से झूल कर अपनी जान दे दी.
उभांव थाना क्षेत्र के कड़सर बलिया गांव में बुधवार की शाम को पारिवारिक कलह से ऊब कर महिला ने फाँसी लगाकर दी जान.
कोतवाली क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव में एक युवक द्वारा फाँसी लगाकर जान देने का मामला प्रकाश मे आया है. लड़का घर पर अकेले ही था.
बताया जा रहा है कि तीनों जजों ने जैसे ही पूरा फैसला सुनाया लोगों ने कोर्ट में तालियां बजाईं. बहादुर निर्भया के बाबा लालजी सिंह, ग्राम प्रधान सबिता देवी एवं अन्य ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सही ठहराया.
कभी ना अस्त होने वाले अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ किसी में बगावत करने की हिम्मत नहीं होती थी. दिन प्रतिदिन अंग्रेजों के अत्याचार बढ़ते जा रहे थे. बेवजह भारतीय सताए जाने लगे चारों ओर हाहाकार मचा था.
देवरिया के सलेमपुर कस्बे में एक कारोबारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.