कोतवाली क्षेत्र के जेवइनिया गांव स्थित टोस नदी में शनिवार की शाम एक किशोर का तैरता हुआ शव मिलने से क्षेत्र में मातम छा गया. सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया.
कोतवाली क्षेत्र के जेवइनिया गांव स्थित टोस नदी में शनिवार की शाम एक किशोर का तैरता हुआ शव मिलने से क्षेत्र में मातम छा गया. सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया.
कोटवारी गांव में सावन के चौथे सोमवार को शिव भक्तों ने कलश यात्रा निकाला.
दिगम्बर बाबा के स्थान को डम्बर बाबा के परती के नाम से भी जाना जाता है. जहां पर हर साल सावन के चौथे बृहस्पतिवार को बाबा की परती मे मेला लगता है.
गंगा नदी का जलस्तर बुधवार को बक्सर में 54.830 मीटर, गायघाट में 53.710 मीटर बढ़ाव पर, घाघरा नदी का जलस्तर डीएसपी हेड पर 63.160 मीटर, चांदपुर में 56.46 मीटर, मांझी में 53.05 मीटर जो बढ़ाव पर है.
परिजनों की डांट से क्षुब्ध टोंस नदी में छलांग लगाई बीए की छात्रा का शव रविवार की दोपहर में रामपुर चीट गांव के सामने मिला.
पिपरा पुल के पास शनिवार की दोपहर युवती ने टोंस नदी में छलांग लगा दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस व एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गयी. घंटों खोजबीन करने के बाद भी कामयाबी नहीं मिली.
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की सूचना अनुसार गंगा नदी का जल स्तर गाय घाट में 53.830 बढ़ाव पर घाघरा नदी डीएसपी हेड पर 63.720 बढ़ाव पर व चाॅंदपुर में 57.19 मी0 बढ़ाव पर हैं. टोंस नदी पिपरा घाट में 57.00 मी बढ़ाव पर है.
गंगा, टोंस एवं घाघरा नदी के जल स्तर में बढ़ाव को देखते हुए अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंघल ने कलेक्ट्रेट स्थित संयुक्त कार्यालय में कन्ट्रोल रूम की स्थापना कर दी है, जिसका दूरभाष नम्बर 05498-220857 है.
नारीबारी से भारतगंज, प्रतापपुर , मिर्जापुर होते हुए बनारस को जोड़ने वाले मार्ग पर गऊघाट में टोंस नदी पर बना पुल पिछले एक साल से भारी वाहनों के लिए बंद है.
प्रदेश सरकार पीड़ितों को हर संभव सहायता करने के लिए दृढ़ संकल्प है. किसानों एवं आखिरी पायदान पर खड़े लोगों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. यह विचार है विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी का.
बुधवार को गंगा नदी का जलस्तर गायघाट पर 56.26 मी, घाघरा का जलस्तर डीएसपी हेड पर 62.270 मी, चांदपुर पर 56.14 मी, माझी पर 53.52 मी है. टोंस का जलस्तर पिपरा घाट पर 56.90 मी है.
नरहीं थाना क्षेत्र के कोट मझरिया (अंजोरपुर) गांव निवासी हरि गोविंद मिश्र (70) बंधा पार कर गांव आते वक्त रविवार को मगई नदी के उफनाए पानी में डूब गए. सोमवार को उनका शव इंदरपुर गांव के सामने उतराया मिला.
बाढ खत्म होने के बाद जिलाधिकारी गोविन्द राजू एनएस का पूरा ध्यान अब हर पीड़ितों के बीच राहत सामग्री पहुंचाने पर है. उन्होंने रविवार को सदर तहसील क्षेत्र में हो रही राहत सामग्री वितरण व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने अधीनस्थों को निर्देष दिया कि गरीब, मजदूर किसानों को वरीयता के आधार पर राहत सामग्री का वितरण होना चाहिए.
केंद्र सरकार की मदद के बावजूद प्रदेश सरकार बाढ़ पीड़ित लोगों को मदद पहुंचाने में नाकाम रही है. सामग्री वितरण में भी समाजवादी पार्टी के लोगों को चिन्हित करके राहत दी जा रही है. यह घोर अन्याय है. ऐसा कहना है जिले के सांसद भरत सिंह का.
रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में भी टोंस नदी की बाढ़ से प्रभावित गांव कोड़रा में विधायक उमा शंकर सिंह ने 116 बाढ़ प्रभावित परिवारों को शिविर लगाकर राहत सामग्री वितरण किया.
गंगा प्रति घंटा आधा सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है. हालांकि फिलहाल खतरा बिन्दु से नीचे है. घाघरा नदी का जलस्तर डीएसपी हेड पर 62.190 मी, चांदपुर में 56.80 मी तथा माझी में 53.85 मी है. टोंस नदी का जलस्तर पिपरा घाट पर 57.700 मी है, जो बढ़ाव पर है.
विधायक उमाशंकर सिंह ने फेफना विधानसभा के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री से लदे ट्रकों को बृहस्पतिवार को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया. पांच ट्रक राहत सामग्री में थाली, गिलास, ब्रेड, आटा, आलू, चुड़ा, लाई, गुड़, बिस्कुट, मोमबत्ती, दवाई, माचिस तथा मवेशियो के लिये भूसा और पराग डेयरी आदि सामान शामिल था.
जिला पंचायत के डाक बंगले में सोमवार को बाढ़ में डूब कर मरे कुल चार लोगों के परिजनों को दैवी आपदा राहत कोष से चार-चार लाख की सहायता राशि विधायक जयप्रकाश अंचल ने प्रदान की. विधायक अंचल ने बताया कि दुबेछपरा रिंग बन्धे व बन्धे के भीतर बसे गांवों की सुरक्षा के लिए स्परों का निर्माण कराया जाएगा. इसके लिए प्रस्ताव भेज दिया गया हैं.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 42,296 लोग और 678 पशुओं का उपचार किया गया है. 2,85,640 लोग और 16,115 पशु प्रभावित हुए है. राहत शिविरों में 26,600 लोग शरण लिए हुए हैं और 45,935 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. 41 मेडिकल टीमों को प्रभावित गांवों में मोबाईल टीम के रूप में लगा दिया गया है.
प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री नारद राय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि बाढ पीडितों को राहत सामग्री एवं बाढ्र से प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, फागिंग, दवा का छिड़काव, क्षतिग्रस्त सडकों की मरम्मत युद्ध स्तर पर किया जाय.