Please LIKE and FOLLOW बलिया LIVE on FACEBOOK page https://www.facebook.com/BalliaLIVE
हाल ही में बलिया की भव्या पांडे का काव्य संग्रह Amazon पर प्रकाशित हुआ है. किताब का Amazon पर उपलब्ध होना आम तौर पर किसी बड़े प्रकाशक की याद दिलाता है, लेकिन अब ऐसा जरूरी नहीं है. Amazon का Kindle Direct Publishing यानी KDP ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां लेखक अपनी किताब खुद प्रकाशित कर सकता है.
सवाल है कि अगर किसी के पास अपनी कविताओं, कहानियों या उपन्यास की पांडुलिपि है, तो वह उसे Amazon पर कैसे प्रकाशित कर सकता है? क्या इसके लिए किसी प्रकाशक की जरूरत है और कितना पैसा लगता है?
KDP पर किताब कैसे प्रकाशित करते हैं स्टेप बाइ स्टेप जानिए
KDP यानी Kindle Direct Publishing Amazon का self-publishing प्लेटफॉर्म है. इसके जरिए लेखक सीधे अपनी किताब Amazon पर प्रकाशित कर सकता है.
इसके लिए KDP की वेबसाइट पर अपने Amazon अकाउंट से साइन इन करना होता है. इसके बाद publishing account तैयार किया जाता है, जिसमें नाम, पता, भुगतान और टैक्स से जुड़ी जानकारी देनी होती है. कुछ मामलों में पहचान सत्यापन भी किया जा सकता है.
अपनी किताब तैयार करना सबसे जरूरी कदम
अगला चरण है किताब की manuscript यानी पांडुलिपि तैयार करना. कविता संग्रह हो या उपन्यास, सामग्री मौलिक होनी चाहिए और लेखक के पास उसे प्रकाशित करने के अधिकार होने चाहिए.
प्रिंट किताब के लिए पेज का आकार, margins, font, spacing और दूसरे layout का ध्यान रखना पड़ता है. साथ ही किताब का cover भी तैयार करना होता है. KDP इसके लिए जरूरी technical guidelines उपलब्ध कराता है. KDP पर eBook के अलावा paperback और hardcover किताबें भी प्रकाशित की जा सकती हैं.
क्या प्रकाशन के लिए पहले पैसे देने पड़ते हैं?
यहां KDP और पारंपरिक प्रकाशन व्यवस्था में बड़ा अंतर है. KDP पर किताब प्रकाशित करने के लिए कोई अलग upfront publishing fee नहीं है. यानी लेखक को केवल किताब Amazon पर उपलब्ध कराने के लिए पहले से प्रकाशन शुल्क नहीं देना पड़ता.
Paperback या hardcover किताब बिकने पर उसकी printing cost और लागू शुल्क बिक्री की रकम से समायोजित होते हैं. बाकी राशि में से निर्धारित नियमों के अनुसार लेखक को royalty मिलती है.
ISBN का क्या होगा?
ISBN को लेकर भी अक्सर भ्रम रहता है. Paperback और hardcover के लिए KDP कुछ बाजारों में free ISBN का विकल्प देता है. लेखक चाहे तो अपना ISBN भी इस्तेमाल कर सकता है. Kindle eBook के लिए ISBN अनिवार्य नहीं है.
किताब Amazon पर आ गई, तो क्या बिक्री भी होगी?
यहां एक जरूरी फर्क समझना होगा. किताब का प्रकाशित होना और किताब का बिकना दो अलग बातें हैं. KDP किताब को Amazon पर उपलब्ध कराने का रास्ता देता है, लेकिन पाठकों तक पहुंचाने और बिक्री बढ़ाने के लिए लेखक को प्रचार करना पड़ता है.
यानी आज लेखक को अपनी किताब प्रकाशित कराने के लिए जरूरी नहीं कि वह किसी बड़े प्रकाशक की तलाश करे. अगर उसके पास मौलिक और अच्छी तरह तैयार सामग्री है, तो KDP के जरिए वह खुद भी अपना प्रकाशक बन सकता है.
भव्या पांडे का काव्य संग्रह इस बदलती प्रकाशन व्यवस्था का एक उदाहरण है, जहां लेखक और पाठक के बीच की दूरी कम करने में डिजिटल प्लेटफॉर्म बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.
Breaking News और बलिया की तमाम खबरों के लिए आप सीधे हमारी वेबसाइट विजिट कर सकते हैं.
Website: https://ballialive.in/
Facebook: https://www.facebook.com/BalliaLIVE
X (Twitter): https://twitter.com/ballialive_
Instagram: https://www.instagram.com/ballialive/
Threads: https://www.threads.net/@ballialive
अब बलिया की ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए बलिया लाइव का Whatsapp चैनल FOLLOW/JOIN करें – नीचे दिये गये लिंक को आप टैप/क्लिक कर सकते हैं.
https://whatsapp.com/channel/0029VaADFuSGZNCt0RJ9VN2v
आप QR कोड स्कैन करके भी बलिया लाइव का Whatsapp चैनल FOLLOW/JOIN कर सकते हैं.

