अपना जिला छोड़ना पड़ा तो क्या हुआ, बलिया के बारे में सोचना कभी बंद नहीं हुआ। ऐसे ही लोगों की वजह से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बड़ी मदद आ रही है।
अपना जिला छोड़ना पड़ा तो क्या हुआ, बलिया के बारे में सोचना कभी बंद नहीं हुआ। ऐसे ही लोगों की वजह से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बड़ी मदद आ रही है।
एनडीआरएफ और इण्डियन रेड क्रॉस सोसायटी बलिया की ओर से लोगों को आपदा के समय खतरा कम करने और बचाव के लिए ट्रेनिंग दी गई
रेडक्रॉस सोसायटी ने तीसरी लहर से बचने के लिए स्कूली बच्चों को जागरूक किया, उन्हें साबुन तथा मास्क का वितरण भी किया.