स्थानीय तहसील क्षेत्र में आए दिन आंधी पानी आने पर पूरे तहसील क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो जा रही है. इसका मुख्य कारण बिल्थरारोड में 132 केवीए का सबस्टेशन का न होना माना जा रहा है.
स्थानीय तहसील क्षेत्र में आए दिन आंधी पानी आने पर पूरे तहसील क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो जा रही है. इसका मुख्य कारण बिल्थरारोड में 132 केवीए का सबस्टेशन का न होना माना जा रहा है.
बैरिया-रानीगंज मार्ग पर कोल्ड स्टोरेज के सामने सड़क के बीचो बीच हुए जल जमाव से इस मार्ग पर चलना कठिन हो गया हैं. दरअसल ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनाये गये बैरिया कि सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की है.
यहां हुई 2 दिन बारिश से जहां पड़ रही उमस भरी गर्मी से नागरिकों को राहत मिली है. वहीं मौसम खुशगवार हो गया है. किसानो के चेहरे भी खिल गए हैं.
कुसौरी गांव में बीती रात दो अलग-अलग मकानों के छज्जे पर आकाशीय बिजली गिरने तथा आग लगने से लाखों की संपत्ति जल कर नष्ट हो गई. यह संयोग ही रहा कि मकान के अंदर सो रहे लोगों को कोई क्षति नहीं पहुंची.
राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर दुबेछपरा चट्टी पर तेज आंधी से रोड किनारे लगे पेड़ व बिजली के तार राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिर गया. इसके चलते रोड पर दोनो तरफ से वाहनों की लम्बी कतार लग गयी.
गढ़िया में बुधवार की रात एक मकान की पक्की दीवार भरभरा कर गिर गयी. कुदरत का करिश्मा ही कहेंगे कि उस घर में सोये हुए सभी व्यक्ति सुरक्षित बच गये. गढ़िया निवासी मु. आमीन अपने परिजनों समेत खाना खाकर सोये हुए.
बुधवार की रात हुई तेज बारिश से जहां किसानों के चेहरे पर ख़ुशी झलक रही है. वही इस बारिश से कई आशियाने उजड़ गए. अब वे खुले आसमान के नीचे आ गए हैं
शनिवार को हुई भारी बरसात से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे, वहीं चक्रवाती हवा से फसलों को हुए नुकसान से कई गांवों के किसानों के खिले चेहरे मुरझा भी गए.
मौसम बिगड़ने और मैदान में पानी भर जाने के कारण समाजवादी पार्टी का सिकंदरपुर जूनियर हाई स्कूल के प्रांगण में 25 सितम्बर को होने वाला कार्यकर्ता सम्मेलन अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है.
जाते जाते मानसून बलिया समेत पूर्वांचल के कई जिलों में शनिवार को ठीक ठाक बारिश करवा गया. बलिया शहर के कई इलाकों में लोगों को गुजरने के लिए कमर से भी ऊपर तक पानी में हेलना पड़ा. उन पर कहर ढा रही थीं हाल ही बनाई गईँ नालियां, ये नालियां नगर पालिका की कारगुजारियों की कलई भी खोल रही थी.
सोमवार की रात हुई तेज बरसात से बैरिया रेवती मार्ग पर कोलनाला से पश्चिम विद्यापीठ के पास मंगवारभोर में सड़क धस गयी.
केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार घाघरा नदी उतार पर है. लेकिन वह अभी भी एल्गिनब्रिज (बाराबंकी) में खतरे के निशान के उपर बह रही है, जबकि तुर्तीपार (बलिया) और अयोध्या में इसका जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक बना हुआ है. गंगा प्रतिघंटा तीन सेमी की रफ्तार से बढ़ाव पर है.
परसिया गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पर मंगलवार को 11 बजे तेज आंधी से एक बरगद का पेड़ गिर गया. इस हादसे में स्कूल में कार्यरत रसोइया गम्भीर रूप से घायल हो गयी.
नगर पालिका बलिया में विकास धन का बंदरबांट किया जा रहा है. बलिया शहर में इस समय नालियों का बुरा हाल है. बारिश शुरू होने के बाद नगरपालिका प्रशासन को नालियों की मरम्मत की याद आई. आए दिन नालियों की सफाई की जाती है. कूड़ा बरसात होते ही फिर नालियों में चला जाता है.
पर्याप्त बारिश न होने के चलते सूखा पड़ने की आशंका से इलाकाई अन्नदाताओं की चिंता बढ़ती जा रही है. कारण, पानी के आभाव में धान की रोपाई के काम पर उल्टा असर पड़ रहा है. साधन संपन्न और नहरों के समीप वाले किसान तो अपने खेतों में धान की रोपाई का काम निर्बाध रूप से कर रहे हैं. भले ही नलकूप का पानी महंगा पड़ रहा है.
बादलों ने सोमवार की दोपहर काशी में और शाम तक बलिया समेत पूर्वांचल के कई जिलों में दस्तक दे दी. बनारस में तेज गरज-चमक के साथ करीब दो घंटे तक हुई झमाझम बारिश से लोगों के चेहरे खिल उठे. आसपास के जिलों में भी कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश हुई. माना जा रहा है कि जल्द ही खरीफ की फसल की बुवाई शुरू हो जाएगी. इस वर्ष अच्छी मानसूनी वर्षा होने की खबरों को लेकर किसान काफी उत्साहित है.