अयोध्या के सैन्य बल के साथ जिसदिन सायंकाल शत्रुघ्न जी वाल्मीकि आश्रम पहुँचते हैं, उसी रात्रि में सीता जी कुश – लव अपने जुड़वा पुत्रों को जन्म देती हैं.
अयोध्या के सैन्य बल के साथ जिसदिन सायंकाल शत्रुघ्न जी वाल्मीकि आश्रम पहुँचते हैं, उसी रात्रि में सीता जी कुश – लव अपने जुड़वा पुत्रों को जन्म देती हैं.
विश्वकर्मा पूजा पर विशेष- (17 सितम्बर)
शिल्पकारों के आराध्य भगवान विश्वकर्मा का बलिया से गहरा नाता, बचपन के कुछ वर्ष बिताए थे भृगुनगरी में