टेम्पो के धक्के से बाइकसवार दो युवक घायल

सुखपुरा थाना क्षेत्र के करनई गांव के समीप गुरुवार की दोपहर टेम्पो के धक्के से बाइकसवार सोनू (20) एवं सरवन (35) निवासी करम्मर थाना खेजुरी गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद चालक टेम्पो लेकर भाग निकला. दोनों युवक बाइक से मुख्यालय जा रहे थे. इसी बीच करनई के समीप विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार टेम्पो ने उन्हे जोरदार धक्का मार दिया.

बहादुरपुर में करेंट से युवती की मौत, मां गंभीर

कोतवाली थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में गुरुवार की सुबह हाईटेंशन करेंट की चपेट में आने से पूजा तिवारी (22) पुत्री प्रेम तिवारी निवासी सुरेमनपुर थाना बैरिया की मौके पर ही मौत हो गई. उसे बचाने के प्रयास में उसकी मां आशा देवी (47) भी करेंट की चपेट में आकर झुलस गई.

जिला अस्पताल में दिया इलाज का भरोसा

श्री नाथ बाबा पवित्र भूमि के सदस्य गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसड़ा में अधीक्षक से मिलने पहुंचे थे. असल में वे विद्याशंकर जी के अंगुली के ऑपरेशन की शिकायत लेकर पहुंचे थे. मगर अधीक्षक नहीं मिले. इस बात से वे आक्रोशित हो गए और सीएचसी परिसर में ही दिन में 11 बजे धरने पर बैठ गए. वे नारेबाजी करते हुए सरकारी तन्त्र को जमकर कोसे. आनन फानन में अधीक्षक एक बजे के करीब पहुंचे. प्रदर्शनकारियों की बातों को उन्होंने सुना तथा उच्चाधिकारिओ को इससे अवगत कराया. पीड़ित को तत्काल जिला अस्पताल से इलाज का भरोसा दिया गया. सम्बंधितों के खिलाफ कार्रवाई का भी भरोसा दिया गया.

एमडीएम रसोइयों को मिले स्थायी नियुक्ति

राष्ट्रीय मध्यान्ह भोजन रसोइया फ्रंट के तत्वावधान में गुरुवार को रैली निकाली गई. बापू भवन से निकली रैली कलेक्ट्रेट में पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। कार्यकारिणी अध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि एक हजार रुपये मासिक मानदेय पर काम कराकर प्रदेश व केन्द्र सरकार स्वतंत्र भारत में नई सामंती व्यवस्था को प्रश्रय देने का काम कर रही है. कहा कि सरकार रसोइया कामगारों की वेतन वृद्धि करते हुए स्थायी नियुक्ति करें. बंधुआ मुक्ति मोर्चा के मो. अजहरूद्दीन ने रसोइया को बंधुआ मजदूर से भी बदतर बताते हुए स्थायी सेवा की मांग की.

रघुनाथपुर पीपरपाती पहुंचा जवान का शव

बांसडीहरोड थानाक्षेत्र के रघुनाथपुर पीपरपाती गांव में गुरुवार को सीआरपीएफ के जवान का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया. पत्नी सहित परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे. बताया जाता है कि 2001 में मुकुरधन यादव पुत्र प्रभुनाथ यादव सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था. फिलवक्त वे कानपुर में तैनात थे. बुधवार को अचानक ड्यूटी पर तैनाती के दौरान ही उनकी तबियत खराब हो गई. आनन-फानन में उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. गुरुवार को दिन में उनका शव उनके गांव पहुंचा. अंतिम संस्कार गंगा घाट पर किया गया