बांसडीह: जाने माने पत्रकार ईश्वरदेव मिश्र की धर्मपत्नी यशोधरा मिश्र का निधन हो गया है. वह 82 वर्ष की थीं. वाराणसी में अपने घर पर मंगलवार को दोपहर बाद उन्होंने अंतिम सांस ली.
यशोधरा मिश्र का वाराणसी में ही अंतिम संस्कार हो रहा है. उनके ज्येष्ठ पुत्र ओमप्रकाश मिश्र मुखाग्नि देंगे. उनके छोटे बेटे भी पत्रकार हैं और फिलहाल अमर उजाला अखबार से जुड़े हुए हैं.
यशोधरा मिश्र के निधन के बाद वाराणसी के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गयी. उनके अंतिम दर्शन के लिए सारनाथ में उनके घर पर लोगों का तांता लगा रहा.
बलिया के बांसडीह के रहने वाले ईश्वरदेव मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में बड़ा योगदान रहा है. हिंदी पत्रकारिता में ईश्वरदेव मिश्र ने कई मानक स्थापित किये और उनके शिष्यों की एक लंबी फेहरिस्त है.
एक जमाना जब युवा पत्रकार बड़े शहरों में नौकरी के लिए जाते तो जनवार्ता अखबार में काम करने का अनुभव बड़े से बड़े संस्थानों के डिग्री और डिप्लोमा कोर्स पर भारी पड़ता रहा. ईश्वरदेव मिश्र की देख रेख में ट्रेनिंग पत्रकारिता की बारीकियों की ट्रेनिंग बहुत मायने रखती थी.
बनारस से प्रकाशित दैनिक अखबार जनवार्ता के संपादक रहे ईश्वरदेव मिश्र ने पत्रकारों के हक के लिए भी काफी काम किया. सुनने में ईश्ववरदेव मिश्र भले ही एक व्यक्ति का नाम लगे, लेकिन अपनेआप में वह किसी बड़े संस्थान से भी सम्मानित रहे.

