मतदाता ज्यादातर खामोश हैं, मगर प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो चली हैं

लवकुश सिंह

विधान सभा चुनाव के छठे चरण के चुनाव में अब कुछ घंटे शेष रह गए हैं. आज की रात, आम लोगों की भाषा में या राजनीति के शब्‍दों में कहें तो सभी प्रत्‍याशियों के लिए कत्‍ल की रात मानी जाती है. वजह कि आज की ही रात कहीं पैसा कमाल कर जाता है, तो कहीं कुनबे की गोलबंदी में मूड बनाने वाली पार्टी-भोज अपना जादू दिखा देता हैं. कहीं साड़ी संग दान-दक्षिणा, तो कहीं किसी की बेतुकी बात ही आम मतदाताओं को इधर से उधर कर देती है. वोट हथियाने की जुगत में आज की रात सभी तरह के हथकंडे अपनाते हैं. मतदाता भी आज की रात गहरी नींद में नहीं सोते. वह भी सोए-सोए रात का सियासी खेल बखूबी देखते हैं.

बता दें कि बैरिया विधान सभा में छठे चरण के तहत चार मार्च को चुनाव होना है. मतदाता भी अब अपना मूड बना चुके हैं. मतदाताओं की अलग-अलग गोलबंदी हर पंचायत में विजयी होने वाले प्रत्‍याशियों की ओर इशारा करने लगी है. वोट कहीं बोल रहे हैं, तो कहीं पूरी तरह चुप्‍पी का माहौल अभी भी है. प्रत्‍याशियों की धड़कनें भी तेज हो चली हैं. अब प्रत्‍याशी भी तेज आवाज में नहीं, हर जगह गुप-चुप तरीके से अपनी-अपनी सेटिंग करने में लगे हैं. शनिवार को सुबह सुबह से ही सभी के भाग्‍य इवीएम में कैद होने शुरू हो जाएंगे.

सीमा के गांवों पर है प्रशासन की विशेष नजर

बैरिया विधान सभा क्षेत्र के कई इलाके बिहार की सीमा से सटे हुए हैं. यहां का बीएसटी बांध से लेकर गांव के अंदर भी प्रशासन की विशेष नजर है. इस विधानसभा की सीमा पर जयप्रभा सेतु हो या महुली का पीपा पुल, सर्वत्र आवागमन करने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है. भय मुक्‍त मतदान के लिए पुलिस के द्वारा लाल और सफेद विश्‍वास पर्ची भी लगातार बांटी जा रही है. लाल पर्ची उन्‍हें दी जा रही है, जिनसे शोर-शराबे का खतरा है, वहीं सफेद पर्ची विश्‍वास पात्र लोगों को दी जा रही है, जो मतदान स्‍थल पर किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर प्रशासन को सूचना दे सकें. उक्‍त पर्ची पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी आदि के मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं.

विधान सभा क्षेत्र बैरिया में मतदाता
पुरूष-1,87,932
महिला-1,51,930 योग-3,39,872
साक्षरता दर-69.1 वर्ष 2012 का मतदान प्रतिशत-44.32