भृगु क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गंगा तमसा तट पर स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार को आधी रात होते ही गंगा में डुबकी लगाना शुरू कर दिया.
भृगु क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गंगा तमसा तट पर स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार को आधी रात होते ही गंगा में डुबकी लगाना शुरू कर दिया.
प्रवचन के दौरान श्रीमद् भागवत कथा पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि भागवत को ही अमर कथा कहा जाता है। जब माता पार्वती ने भगवान शिव से कथा सुनने की जिद की. तो वे उन्हें अमरनाथ ले गए. जहां कथा के दौरान सुकदेव जी महाराज ने उसका श्रवण किया. फिर उसे कालांतर में लिपिबद्ध किया गया.
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भृगु-दर्दर क्षेत्र में कार्तिक मास का कल्पवास शरद पूर्णिमा के दिन से प्रारंभ हो जाता है. कार्तिक कृष्ण एकम से संतों के खालसे गंगा तट पर सजने लगते हैं.