Skip to content
4 October, 2026
  • Youtube
  • Facebook
  • Whatsapp
  • X
  • Instagram
  • Linked In
  • Telegram
  • Threads
ballia live

Ballia LIVE Since 2012 | Published by Mriegank SHEKHAR

ना TV, ना अख़बार… बस खांटी समाचार

cropped-cc-advert.png
Primary Menu
  • जिला जवार
  • UP लाइव
  • CRIME डायरी
  • Campus रिपोर्ट
  • स्क्रीन TASTE
  • स्पेशल/Exclusive
  • ELECTION लाइव
  • बहरवासू
  • देश दुनिया
बलिया LiVE Videos
  • Home
  • स्पेशल/Exclusive
  • बलिया की आजादी की जंग के तीन किरदार: मंगल पांडेय, चित्तू पांडेय और जगदीश्वर निगम
  • Front Page
  • स्पेशल/Exclusive

बलिया की आजादी की जंग के तीन किरदार: मंगल पांडेय, चित्तू पांडेय और जगदीश्वर निगम

19 अगस्त 1942 को चित्तू पांडेय और दूसरे नेताओं की रिहाई के लिए बलिया में जनसैलाब उमड़ पड़ा. तत्कालीन डीएम जगदीश्वर निगम ने हालात को समझते हुए रिहाई का रास्ता खोला. इसके बाद जनता ने अपनी सरकार घोषित कर बलिया को स्वतंत्र घोषित कर दिया.
Central Desk 19 August, 2026 1 minute read
bagi ballia 3 characters

[AI generated (representative) image.]

बलिया लाइव स्पेशल: बागी बलिया पखवाड़ा में 19 अगस्त की कहानी

कभी-कभी किसी शहर की पहचान उसकी इमारतों से नहीं होती. उसकी पहचान उन आवाजों से होती है, जो वक्त आने पर डरने से इनकार कर देती हैं. बलिया की कहानी भी ऐसी ही है.

बलिया की आजादी की जंग में तीन किरदार अलग-अलग समय पर सामने आते हैं. एक ने अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ पहली बड़ी चिंगारी भड़काई. दूसरे ने 1942 में उस चिंगारी को जनविद्रोह में बदल दिया. और तीसरा, अंग्रेजी शासन का अफसर होते हुए भी, उस निर्णायक घड़ी में हालात को समझकर ऐसा फैसला लिया, जिसने घटनाओं की दिशा बदल दी.

पहला नाम है मंगल पांडेय. तारीख 29 मार्च 1857. जगह बैरकपुर की छावनी.

एक सिपाही ने अंग्रेजी हुकूमत के सामने बंदूक तान दी. यह सिर्फ एक सैनिक का विद्रोह नहीं था. यह उस बेचैनी की आवाज थी, जो लंबे समय से हिंदुस्तान के भीतर जमा हो रही थी. मंगल पांडेय ने शायद उस दिन नहीं सोचा होगा कि उनकी बंदूक की गूंज आने वाली पीढ़ियों तक सुनाई देगी. लेकिन ऐसा ही हुआ.

बैरकपुर से उठी उस आवाज की गूंज बलिया की मिट्टी तक भी पहुंची. करीब 85 साल बाद इसी मिट्टी ने एक बार फिर अंग्रेजी सत्ता को चुनौती दी. इस बार कहानी के केंद्र में थे चित्तू पांडेय.

साल था 1942. महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ करो या मरो का आह्वान किया था. बलिया में आंदोलन तेज हो गया. रेल की पटरियां उखाड़ दी गईं. तार काट दिए गए. सरकारी संस्थानों पर जनता का कब्जा होने लगा. तहसीलों में अंग्रेजी प्रशासन को चुनौती दी जाने लगी.

इसी आंदोलन के दौरान चित्तू पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया.

लेकिन अंग्रेजी हुकूमत शायद यह समझ नहीं पाई थी कि किसी नेता को जेल में बंद किया जा सकता है, आंदोलन को नहीं.

19 अगस्त 1942 को चित्तू पांडेय और दूसरे नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर बलिया की जनता जेल की ओर बढ़ने लगी. देखते ही देखते हजारों लोग जेल के बाहर जमा हो गए. जनसैलाब का दबाव बढ़ता गया.

यहीं से कहानी में तीसरा किरदार सामने आता है. जगदीश्वर निगम.

bagi ballia pakhwara series
[AI generated (representative) image.]

जगदीश्वर निगम अंग्रेजी शासन के अफसर और बलिया के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट थे. उनके सामने एक कठिन स्थिति थी. एक तरफ अंग्रेजी हुकूमत के आदेश थे. दूसरी तरफ जेल के बाहर उमड़ा हुआ जनसैलाब और तेजी से बदलते हालात.

जगदीश्वर निगम ने हालात की गंभीरता को समझा और विवेक से काम लिया. चित्तू पांडेय और उनके साथियों की रिहाई का रास्ता खुल गया.

इसके बाद बलिया में घटनाएं तेजी से बदलीं.

जिले में जनता ने अपनी सरकार घोषित कर दी. चित्तू पांडेय नेतृत्व में आगे आए और अंग्रेजी सत्ता पीछे हट गई. कुछ समय के लिए ही सही, लेकिन बलिया ने अंग्रेजी शासन को खुली चुनौती देते हुए अपने को स्वतंत्र घोषित कर दिया.

19 अगस्त 1942 का दिन इसी वजह से बलिया के इतिहास में खास बन गया. यह सिर्फ एक तारीख नहीं थी. यह उस लंबे संघर्ष की एक निर्णायक कड़ी थी, जिसकी शुरुआत 1857 में हुई थी.

मंगल पांडेय ने 1857 में अंग्रेजी सत्ता के सामने सवाल खड़ा किया था. चित्तू पांडेय ने 1942 में उस सवाल को जनविद्रोह में बदल दिया. और जगदीश्वर निगम ने निर्णायक घड़ी में यह दिखाया कि सत्ता की कुर्सी और वर्दी के बावजूद इंसान हालात को समझकर फैसला ले सकता है.

तीनों के रास्ते अलग थे. तीनों की भूमिकाएं अलग थीं. लेकिन इन तीनों की कहानी एक ही मंजिल की तरफ जाती है. आजादी.

बलिया की आजादी की गाथा सिर्फ तारीखों और घटनाओं की कहानी नहीं है. यह उस चिंगारी की कहानी है, जो 1857 में उठी और 1942 में फिर भड़क उठी. यह उस जनता की कहानी है, जो सड़क पर उतरी. यह उस नेता की कहानी है, जिसने उस जनआंदोलन का नेतृत्व किया. और यह उस अफसर की कहानी भी है, जिसने निर्णायक क्षण में हालात को समझा.

यही बागी बलिया की पहचान है. यहां इतिहास सिर्फ किताबों में दर्ज नहीं हुआ. कभी वह बंदूक बनकर उठा. कभी जनता बनकर सड़कों पर उतरा. और कभी एक अफसर के फैसले में दिखाई दिया.

19 अगस्त 1942 को बलिया आजाद था.

आज, 19 अगस्त 2026 को सवाल सिर्फ यह नहीं है कि हमने उस दिन को याद रखा या नहीं. सवाल यह है कि क्या हमने उस दिन की हिम्मत को भी याद रखा है?

कृष्णकांत पाठक, वरिष्ठ पत्रकार

Tags: बलिया न्यूज बलिया लाइव बागी बलिया बागीबलिया भारत छोड़ो आंदोलन मंगल पांडेय

Post navigation

Previous: Ballia-चोरों ने मकान का ताला तोड़ लाखों के गहने, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान चुराए, बाथरूम की टोटियां तक ले गए
Next: 19 अगस्त 1942: जब बलिया ने यूनियन जैक उतारकर खुद को स्वतंत्र घोषित किया

ये भी पढ़ें

AI Generated Image
  • जिला जवार
  • बलिया शहर
  • स्पेशल/Exclusive

ChatGPT 80s Photo Trend: Instagram पर क्यों वायरल हो रही हैं 80 के दशक की तस्वीरें, ऐसे बनाएं अपनी Retro Photo

General Desk 10 September, 2026
How to Publish book on Amazon Kdp
  • जिला जवार
  • बलिया शहर
  • साहित्य
  • स्पेशल/Exclusive

Amazon पर किताब प्रकाशित करना अब कितना आसान है? जानिए KDP की पूरी प्रक्रिया

General Desk 8 September, 2026
Baghi Ballia 23 August Photo
  • Front Page
  • स्पेशल/Exclusive

22-23 अगस्त 1942 की रात: जब बलिया की पांच दिन की आजादी पर अंग्रेजी फौज ने फिर कब्जा किया

General Desk 23 August, 2026

Recent Posts

  • जितिया पर्व पर घाटों पर उमड़ी महिलाओं की भीड़, पुत्र की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा निर्जला व्रत
  • डेढ़ महीने पहले तीन बेटियों संग मायके के लिए निकली महिला लापता, सास ने दर्ज कराया केस
  • सड़क निर्माण में अनियमितता के आरोपों पर कार्रवाई की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
  • लेखपाल संघ ने वेतन, पदोन्नति और स्थानांतरण समेत कई मांगों को लेकर धरना दिया
  • प्रदेश में पुस्तकालयाध्यक्षों की भर्ती निकालने की मांग, अभ्यर्थियों ने विधायक केतकी सिंह से लगाई गुहार
  • अपने ही घर में फंदे से लटका मिला युवक का शव, पुलिस जांच में जुटी
  • राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उत्कृष्ट कार्य वाले कर्मचारी सम्मानित
  • बलिया के वेदांत ने 100 प्रतिभागियों को पछाड़कर जीता इंडियाज टैलेंट फाइट का खिताब, हुआ सम्मान
  • नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • जिउतिया व्रत से पूर्व मंडुआ के आंटे से बनी रोटी खाने से एक दर्जन से अधिक लोग बीमार
  • जयंती पर याद किए गए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री
  • Ballia-बलिया की धरती सत्ता के आगे कभी नहीं झुकी- स्व.रामगोविंद चौधरी की श्रद्धांजलि सभा में बोले धर्मेंद्र यादव
  • सरयू में फिर से बाढ़, बांसडीह के दो दर्जन गांव जलमग्न, तहसील प्रशासन ने उतारीं 100 नावें
  • महिला ने पड़ोसी व्यक्ति पर गलत आरोपों से छवि खराब करने का आरोप लगाया, केस दर्ज
  • पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व.रामगोविंद चौधरी की अस्थियां प्रयागराज संगम में विसर्जित, बड़ी संख्या में जुटे समर्थक
  • दो युवकों पर महिला के साथ छेड़खानी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का केस
  • युवक पर 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और बाद में रेलवे स्टेशन पर छोड़ देने का आरोप
  • सरयू का पानी दहताल में जाने से मचा हड़कंप, एसडीएम की निगरानी में आधी रात को बंद हुआ पुल का फाटक
  • भाजपा के नए जिला प्रभारी डॉ.प्रेमचंद्र मिश्रा का जोरदार स्वागत, टीम भावना और समन्वय के साथ काम करने का संदेश
  • विधायक केतकी सिंह ने कबड्डी खिलाड़ियों को किया पुरस्कृत, कहा- युवा शक्ति हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत
  • पिकअप में मिले गोवंश, ग्रामीणों ने तस्करी का लगाया आरोप, चालक फरार
  • बेल्थरारोड में दुर्गा पूजा पंडाल को भव्य रूप देने की तैयारी, डायनासोर थीम पर चल रहा काम
  • Ballia-श्रवण कुमार भारती बने बसपा जिलाध्यक्ष, समर्थकों में उत्साह
  • आंधी-बारिश से हुए कटान का ब्लॉक प्रमुख ने किया निरीक्षण, राहत-सहायता के लिए शासन को भेजी सूचना
  • सरयू नदी में में समाहित हो गया कोयलवीर बाबा का स्थान और बरगद का पेड़, कटान से ग्रामीणों में चिंता

You may have missed

Jeutiya Prep
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

जितिया पर्व पर घाटों पर उमड़ी महिलाओं की भीड़, पुत्र की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा निर्जला व्रत

General Desk 3 October, 2026
kotwali Bansdih Road
  • CRIME डायरी
  • जिला जवार
  • बांसडीह

डेढ़ महीने पहले तीन बेटियों संग मायके के लिए निकली महिला लापता, सास ने दर्ज कराया केस

General Desk 3 October, 2026
sadak nirman gyapan
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

सड़क निर्माण में अनियमितता के आरोपों पर कार्रवाई की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

General Desk 3 October, 2026
Belthra Lekhpal Protest
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

लेखपाल संघ ने वेतन, पदोन्नति और स्थानांतरण समेत कई मांगों को लेकर धरना दिया

General Desk 3 October, 2026

Recent Comments

  • Shree Ram on योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभात फेरी का आयोजन
  • Ramakant on मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का लाभ उठायें लाभार्थी
  • शिवकुमार सिंह कौशिकेय on छठ महापर्व पर विशेष- अस्ताचलगामी सूर्य को व्रती देंगे अर्घ्य
  • Bablu on निर्माणाधीन कार्य समय से पूरा नहीं होने पर प्रोजेक्ट मैनेजर होंगे उत्तरदायी – डीएम
  • Kazipur Social Media on साड़ी से लटका मिला महिला का शव, परिजनों के मुताबिक विवाहिता ने खुदकुशी की

Tags

बलिया न्यूज बलियान्यूज़ बलियाबड़ीखबर बलिया लाइव बलिया समाचार बसपा बांसडीह बागीबलिया बागी बलिया बाढ़ बिजली बिल्थरारोड बिहार बीएसए बेल्थरारोड बैरिया ब्रेकिंग न्यूज भाजपा मंत्री मऊ मनियर मारपीट मुख्यमंत्री मौत रसड़ा रेल रेवती लखनऊ वाराणसी विधानसभा विधायक शराब सपा समाजवादी पार्टी सहतवार सांसद सिकंदरपुर सीएचसी सीयर सुखपुरा सोनबरसा हत्या हल्दी हादसा हिंदी न्यूज़
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Youtube
  • Facebook
  • Whatsapp
  • X
  • Instagram
  • Linked In
  • Telegram
  • Threads
© 2012 - 2026 Ballia LiVE | All rights reserved.