हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम पर्व शांतिपूर्वक और परंपरागत तरीके से मनाया गया। अमन-चैन की दुआ मांगी गई और नगर समेत ग्राम्यांचलों में
हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम पर्व शांतिपूर्वक और परंपरागत तरीके से मनाया गया। अमन-चैन की दुआ मांगी गई और नगर समेत ग्राम्यांचलों में
मोहर्रम पर्व का एक मात्र ताजिया का रास्ता होने के कारण इन द्वय नेताओं ने प्रशासन से इसे ताजिया जुलूस निकालने से पूर्व मरम्मत करने की लिखित अपील शांति समिति की बैठक में एसडीएम निशांत उपाध्याय से की थी
स्थानीय तहसील के सभागार में मोहर्रम पर्व को लेकर एसडीएम निशांत उपाध्याय की अध्यक्षता में ताजियेदारों की बैठक बुधवार की शाम संपन्न हुई
ताजिया मिलान कर कर्बला में दफन के बाद घर लौटे मुसलमान
रास्ते में रुक कर जगह-जगह दिखाएं खतरनाक करतब
बैरिया, बलिया. मुहर्रम के मौके पर क्षेत्र के मुसलमानों द्वारा ढोल नगाड़ों के साथ करतब दिखलाते हुये अपने अपने गांव का ताजिया निकालकर ताजिया मिलान कर अपने ताजिये को कर्बला में दफन कर घर लौट गये.
ताजिया के चौकी रस्म अदायगी कार्यक्रम से लौट रहे युवक की सड़क दुर्घटना में हुई मौत, दूसरा घायल गंभीर
दुबहर, बलिया. स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत बसरिकापुर चट्टी के निकट अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दो व्यक्ति घायल हो गए.
बांसडीह और नगरा में शांति समिति की बैठक
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ताजिया देखने जा रही बेचन छपरा गांव दो सगी बहनों के ऊपर बिजली का खंभा गिर गया जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गई. छोटी बहन की मौत हो गयी.
मातमी त्योहार मुहर्रम के मौके पर पंचायत चुनाव का असर भी देखा गया. पंचायत चुनाव में संभावित प्रधान पद के प्रत्याशी ताजिया जुलूस में हरी पगड़ी बांधकर अगवानी करते दिखे.
सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के जिंदापुर गांव में ईदगाह के समीप शुक्रवार की देर रात ताजिया दफन कर वापस लौटते समय हाईटेंशन तार की चपेट में आ जाने से तीन युवकों की मौत हो गई, इस हादसे में 8 अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
मोहर्रम के चेहल्लूम के मौके पर सोमवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने घरों पर फातिहा कराया साथ ही ताजियों का जुलूस निकाला. जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया. चांदनी चौक, हाशमी चौक, गंधी, बढ्ढा, मिनापुर मोहल्लों से निकले जुलूस परंपरागत मार्गों से गुजरते हुए रात में दरगाह के मैदान में पहुंचे.
रसड़ा नगर में मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान ईंट-पत्थर चलने के बाद बुधवार को मोहर्रम की ताजिया के जुलूस पर भी ब्रम्हस्थान में पत्थर बाजी की गई. इस पत्थरबाजी से एक युवक घायल हो गया.
जुलूस में शामिल खुराफाती युवकों ने गंधी मोहल्ला स्थित धर्म स्थल के समीप खंभे पर बांधे गए झंडे को फाड़ कर नाली में फेंक दिया. इस वजह से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के नगर में भ्रमण के दौरान दो समुदायों में अचानक तनाव पैदा हो गया. बाद में पुलिस ने समुदाय विशेष के आक्रोशित युवकों को समझा बुझाकर शांत करवाया.
सिकंदरपुर के इमाम चौक पर दसवीं के सुबह बैठाई गई ताजियों को बुधवार को कर्बला में ठंडा करने के साथ मातमी पर्व मुहर्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. यह त्योहार पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है.
दुबहर थाना क्षेत्र अंतर्गत घोड़हरा गांव में बुधवार की रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन तथा मोहर्रम की ताजिया को लेकर हुए विवाद में बृहस्पतिवार को भी दोनों संप्रदायों में तनाव बना रहा. वैसे भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण में है.
दुर्गा विसर्जन जुलूस में अचानक हुए बवाल एवं फायरिंग में घायल तीन युवकों को जिलाचिकित्सालय द्वारा वाराणसी रेफर कर दिया गया. पेट में गोली लगने से घायल एक युवक की हालत नाजुक बनी हुई है. वहीं पैर में गोली लगने व सिर में चोट लगने से घायल दो अन्य युवकों का उपचार भी वाराणसी में चल रहा है.
दुबहड़ थाना क्षेत्र के घोड़हरा गांव में ताजिया कमेटी और दुर्गा पूजा कमेटी के आमने सामने आ जाने के कारण दोनों समुदायों में तनाव की स्थिति बन गयी थी. हालांकि मौके की नजाकत को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने दोनों कमेटियों से अलग अलग वार्ता कर मूर्ति का विसर्जन करवा दिया. वहीं ताजियादारो से भी ताजिया उठाकर त्योहार मनाने की बात कही.
रानीगंज में बड़ी दुर्गाजी का विसर्जन जुलूस नाचते गाते, जयकारा लगाते निकल चुका है. तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार रानीगंज, भीखाछपरा, भरतछपरा, कोटवा का ताजिया जुलूस निर्धारित समय से पहले निकला.
सभी ताजिया को एक जगह कुद्दुश चौक पर देखने की हसरत इस बार किसी की भी पूरी नही हुई. उतरांव की ताजिया का पूरे साल भर लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं. किसी तरह से ताजिया को उपजिलाधिकारी ने रवाना कराया, तभी कदम रसूल चौक में रखी जाने वाली सूबे की सबसे उंची ताजिया ले जाते समय रास्ते में अतिक्रमण का शिकार हो गई.
बुधवार को बलिया के फ्रीडम फ्लेवर वाले रानीगंज के दुर्गोत्सव ने फिर कर दिया दंग. या हुसैन की मातमी गूंज के बीच मां दुर्गे के जयकारे लगे. खास बात यह भी है कि ताजिया के साथ चल रहे हरे ध्वज के बीच तिरंगा भी बड़े शान से लहराता दिखा. सच पूछिए तो यह भी एक किस्म की क्रांति ही है