जनपद के निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान मरीजों की मौत के कई मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन हरकत में आया है
जनपद के निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान मरीजों की मौत के कई मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन हरकत में आया है
युवती की मौत के मामले में मंगलवार को परिजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिले। परिजनों ने अस्पताल को 48 घंटे के भीतर सील करने की मांग की. ऐसा न होने पर बड़े आंदोलन का भी अल्टीमेटम दिया।
शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराई गई महिला और जुड़वा नवजातों की मौत के बाद भारी हंगामा हुआ। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया.
सहतवार थाना क्षेत्र के हसनपुर बिशौली निवासी 26 वर्षीय नेहा गोंड की शनिवार सुबह जिला महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया
जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर बेहद गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार गरीब परिवार के एक बच्चे के इलाज के नाम पर निजी मेडिकल स्टोर पर ₹9 हजार जमा करने को कहा गया
जिला अस्पताल में डिलिवरी के लिए आई महिला से 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप को लेकर जम कर हंगामा हुआ। महिला के साथ पहुंचे छात्र नेता रिपुंजय रमण पाठक रानू ने…
एक बार फिर जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। बैरिया थाना क्षेत्र के सुरेमनपुर निवासी..
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। आरोप लगा है कि जिला अस्पताल में तैनात एक जनरल सर्जन डॉक्टर, नाक, कान और गला (ईएनटी) विशेषज्ञ के रूप में ओपीडी में बैठकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रविवार की रात एक हृदयविदारक मामला सामने आया जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। जानकारी के अनुसार जनपद की..
दुबहर थाने पर तैनात कांस्टेबल अभय प्रताप पटेल का असामयिक निधन हो गया है। घटना से पुलिस विभाग में शोक की लहर है।
एक ही व्यक्ति के एक ही नाम और पिता के नाम से दो जनपदों में फार्मासिस्ट के पद पर नौकरी करने के मामले से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है
जिला अस्पताल में लापरवाही के छोटे-मोटे मामले तो आए दिन सामने आते रहे हैं लेकिन मंगलवार को यहां सारी हदें पार कर दी गईं। यहां डॉक्टरों ने बिना जांच किए एक जिंदा मरीज को मृत घोषित कर दिया
पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल की शिकायत पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके यादव के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री ने सीएमएस पर शासन की मंशा के विपरीत आचरण करने का आरोप लगाया था।
जिला अस्पताल में करीब चार माह के ऊपर से खराब पड़ी सिटी स्कैन को स्वास्थ्य विभाग आजतक ठीक नहीं करा पाया
बुधवार की रात सीएमओ डॉ. वीपी द्विवेदी ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी का औचक निरीक्षण किया. सीएमओ बलिया मुंह पर गमछा बांध कर स्कूटी से देर रात जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे.
जिले में हेपेटाइटिस-बी व सी के मरीजों के इलाज की सुविधा अब जिला अस्पताल में भी शुरू हो गई हे.