उसने बताया कि उसके पुत्र हरेंद्र साह और जितेंद्र साह गरीबी से जूझ रहे हैं. वह उनपर बोझ बनने के बजाय आत्महत्या करना चाह रही थी.
उसने बताया कि उसके पुत्र हरेंद्र साह और जितेंद्र साह गरीबी से जूझ रहे हैं. वह उनपर बोझ बनने के बजाय आत्महत्या करना चाह रही थी.
शासन ने चालू वित्तीय वर्ष में पीएमएवाई योजना के तहत कुल 6079 गरीब परिवारों को आवास मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसमें से सामान्य व पिछड़े वर्ग के लिए जहां 1139 आवास निर्धारित किए गए हैं, वहीं अनुसूचित जाति के लिए 3424 एवं अनुसूचित जनजाति के 728 परिवारों को छत मुहैया कराया जायेगा.
रोटी, कपडा और मकान जैसी मूलभूत सुविधाओं से आज भी हजारों परिवार वंचित और महरूम है. इसका खुलासा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई आवास विहीन गरीब परिवारों की सूची को देखने से पता चल रहा है. यह विडंबना नहीं तो और क्या है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी जनपद के कुल 57 हजार 882 परिवारों के पास अदद छत तक नहीं है.