11 अगस्त 1942 को बलिया में करीब 20 हजार लोगों ने स्वतंत्रता जुलूस में हिस्सा लिया. रामअनंत पांडेय ने भारत छोड़ो आंदोलन के कार्यक्रम समझाए और अदालतों, बाजारों तथा दुकानों के बहिष्कार का आह्वान किया. उनकी गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन रानीगंज, बिल्थरारोड, खेजूरी समेत गांवों तक फैल गया.

