परी मस्ताना, जो मंच पर प्रस्तुत झांकियों में कभी राधा तो कभी पार्वती के रूप में अपना दायित्व निभाता है
Category: लाइफ मंत्रा
क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में विजय दशमी का पर्व हर्षोल्लास व शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया
मेरा सामना कई बार हुआ है मौत से, मैंने बहुत से लोगों की जान ली है, युद्ध के मैदान में भी और कोर्ट मार्शल में भी. मैं प्रजाइडिंग ऑफिसर कर्नल सूरत सिंह हूं. इसी दृश्य के साथ शुरू होती है कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया.
क्षेेत्र के नारायणपुर पचरूखिया में आदर्श दबंग बाल संघ दुर्गा पूजा समिति के द्वारा मां दुर्गा के भक्तों ने मोबाइल हैंडसेट की तरह पंडाल बनाया है.
स्वदेश दीपक के बहुचर्चित नाटक ‘कोर्ट मार्शल’ का मंचन 26 सितंबर को बापू भवन में शाम 6:30 बजे से होगा.
रामलीला देखने उमड़ रहा जन सैलाब
सार्वजनिक रामलीला कमेटी के तत्वाधान में आयोजित रामलीला के उपलक्ष्य में गुरुवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई
26 सितम्बर 2017 को सायं 06.30 बजे आपके बलिया शहर स्थित बापू भवन में संकल्प के सौजन्य से एक बार फिर इसका मंचन होने जा रहा है.
संसाधन की किल्लत का रोना वे रोते हैं, जो अपने जीवन में कुछ करना नहीं चाहते. यदि करनाइच्छा शक्ति दृढ़ हो और काम पूरी लगन व ईमानदारी से हो तो सफलता एक न एक दिन कदम चूमेगी ही.
रंगोली
भगवतशरण उपाध्याय का जन्म सन् 1910 में बलिया (उत्तर प्रदेश) में तथा निधन 12 अगस्त 1982 में मॉरीशस में हुआ.
दिगम्बर बाबा के स्थान को डम्बर बाबा के परती के नाम से भी जाना जाता है. जहां पर हर साल सावन के चौथे बृहस्पतिवार को बाबा की परती मे मेला लगता है.
कवियत्री व अभिनेत्री राधिका तिवारी ने पूर्वांचल की युवतियों के दिलों में रंगमंच और साहित्य का सपना पैदा किया, जिससे इस रुढिवादी इलाके की अनेक महिलाएं अभिनय, गायन के क्षेत्र में आगे निकली.
सिकन्दरपुर(बलिया)। क्षेत्र के कुंडीडीह गांव स्थित मानवता बटशिला साईं विचार सेवा ट्रस्ट का 13 वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया. जिसमें सैकड़ो श्रद्धालु नर-नारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संत मनोज दास ने दीप प्रज्वलित कर किया.
बलिया। भारतीय मनीषा के प्रतीक और साहित्य एवं संस्कृति के अप्रतिम व्याख्याकार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की 38 वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को उनके पैतृक गांव ओझवलिया में सादगी से मनाई गई.
मदर्स ड़े ,मां के प्रति कृतज्ञ होने का यह त्योहार विश्व के अनेक भागों मे अलग अलग दिन मनाया जाता है .अमेरिका की तरह भारत मे यह मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता हैं जो 2017 में 14 मई को है. मदर्स ड़े को मनाये जाने का इतिहास 400 वर्ष पुर्व का बताया जाता है पर हम यह
संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया ने खेल-खेल में अभिनय, गायन, नृत्य एवं पेंटिंग के माध्यम से बच्चों के पर्सनालिटी डेवलपमेंट का सुनहरा अवसर उपलब्ध करवाया है.
सिकंदरपुर(बलिया)।नगर तथा इलाकाई गांवो में शबे बरात का त्योहार अकीदत के साथ मनाया गया. इस मौके पर मुस्लिम बिरादरी के लोगों ने शाम को फातिहा कराया व अपने मकानों, मस्जिदों व मजारों पर चेरांगां किया.
रेवती(बलिया)। नगर के उत्तर टोला स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में चल रहे नौ दिवसीय शिवशक्ति प्राण प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ के सातवें दिन बिहार मीरगंज से पधारे बाल व्यास अरविंद दुबे ने भगवान भोलेनाथ के चरित्र का वर्णन किया.”एक दिन वह भोले भंडारी बन करके ब्रज नारी,
रेवती(बलिया)। पुत्र कपूत सकता है, परन्तु माता कभी कुमाता नहीं हो सकती है. उक्त बातें बिहार मीरगंज से पधारे बाल व्यास श्री अरविंद दुबे ने स्थानीय नगर के उत्तर टोला स्थित नवनिर्मित मां दुर्गा प्रांगण में चल रहे नौ दिवसीय शिव शक्ति प्राण प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ के छठे दिन प्रवचन मे बोले.

