रामगढ़ में पत्रकार होली मिलन में उड़े अबीर-गुलाल 

हुआ आत्‍म मंथन, लिया गया कुछ अलग संकल्‍प

बैरिया (बलिया)। होली बीत गई, चैत का महीना चल रहा है. फागुन और चैत दोनों महीने मस्‍ती से भरे होते हैं. इसी माह में पेड़-पौधों के नए पत्‍ते उग आते हैं. संपूर्ण प्रकृति भी अपना रंग बदलते हुए प्रतीत होती है  और कहते हैं कि मानव मन में भी इस माह अजीब सी ऊर्जा का समावेश होता है. शायद इसीलिए हर कोई इस महीने में जगह-जगह होली मिलन समारोहों का आयोजन कर होली और चैत के उन तमाम यादों को हृदय में सहेज और समेट लेना चाहता है. ऐसे में हर दिन खबरों की दुनिया में सफर करने वाले पत्रकार भला पीछे क्‍यों रहें.

रविवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तहसील इकाई बैरिया के बैनर तले द्वाबा के रामगढ़ में आइडियल इंग्लिश स्कूल के प्रांगण में पत्रकार होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया. इस समारोह की शुरूआत सबसे पहले पत्रकार हित की एक चर्चा से हुई. यहां जिले से पधारे तहसील के लगभग पत्रकारों ने अपनी-अपनी बातें रखी. सबने यह माना कि अब पत्रकारिता ने समाज में कई तरह के रंग-रूप अपना लिए हैं.

एक पत्रकार जो दिन भर गांवों की समस्‍याओं, आम लोगों के उत्‍पीड़न आदि से जुड़े मामले को अपनी लेखनी के माध्‍यम से शासन-प्रशासन तक पहुंचाता है. बारिश में भींग कर, कड़ी चिलचिलाती धूप में सफर कर, गांव-समाज की खबरों से सभी को अवगत कराता है. वहीं वह खुद एक नहीं कई तरह की समस्‍याओं से घिरा होता है. सरकारें चाहे, किसी की भी रही हों, किसी ने भी पत्रकारों के दर्द को करीब से सुनने, समझने या महशूस करने का प्रयास नहीं किया. यही वजह है कि पत्रकार दूसरों के दुख-दर्द को भले ही सरकार या दुनिया को अवगत करा देते हैं, किंतु खुद की समस्‍याओं के मामले में चुप रहने की ही उनकी विवशता है.

सभी ने यह सवाल किया कि क्‍या सरकारों की नजरों में पत्रकार केवल खबरों के लिए ही हैं या फिर सरकार को भी कस्‍बाई पत्रकारों के हित की बात सोचनी चाहिए. सभी ने इस चर्चा के माध्‍यम से ही पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की भी मांग की. इस मौके पर मुख्य अतिथि पंडित राजनरायन तिवारी, विशिष्ठ अतिथि अयोध्या प्रसाद हिन्द, क्षेत्राधिकारी टीएन दुबे, पत्रकार अनिल केशरी,  वीरेन्द्र मिश्र, विश्वनाथ तिवारी, अखिलेश पाठक, सुनील दुबे, शिवसागर पांडेय, रविन्द्र मिश्र,  सुरेश मिश्र,  देवेन्द्र तिवारी, अनिल सिंह, भानू सिंह, हरेराम यादव, राजन, सतेन्द्र पांडेय, राजेन्द्र श्रीवास्तव, अर्जुन साह, मुखिया जी, ओमप्रकाश सिंह, सभी आगन्तुकों का स्वागत तहसील अध्यक्ष सुधीर सिंह ने किया. वही अध्यक्षता राम सेवक पांडेय व संचालन लवकुश सिंह ने किया.

 

जब चली मस्‍ती की हवा, उड़ने लगे गुलाल

पत्रकार हित की चर्चा के बाद, यह समारोह मस्‍ती की हवा में जब सफर करना शुरू किया तो फिर क्‍या कहना. हर किसी के चेहरे अबीर-गुलाल से रंग गए. एक-दूसरे के सीने से लगकर, सभी ने न सिर्फ खुशियां बांटी, बल्कि पत्रकार एकता का संकल्‍प भी लिया. इस मौके वरिष्‍ठ पत्रकार भानू सिंह को भूतपूर्व युवा और तहसील अध्‍यक्ष सुधीर सिंह को भावी बुजुर्ग की संज्ञा से भी विभूषित किया गया.