Skip to content
17 September, 2026
  • Youtube
  • Facebook
  • Whatsapp
  • X
  • Instagram
  • Telegram
  • Threads
ballia live in

बलिया समाचार – Ballia News, Ballia खबर, Breaking News on Crime, Politics & more by बलिया LIVE

ना TV, ना अखबार… (सड़क से संसद तक) बस खांटी समाचार

cropped-cc-advert.png

बलिया लाइव VIDEOs

Primary Menu
  • जिला जवार
  • UP लाइव
  • CRIME डायरी
  • Campus रिपोर्ट
  • स्क्रीन TASTE
  • स्पेशल/Exclusive
  • ELECTION लाइव
  • बहरवासू
  • देश दुनिया
बलिया रेडियो LiVE
  • Home
  • जिला जवार
  • जी हां ! इस ड्रेस में तो पढ़ाकू भी गंवार ही लगते हैं
  • जिला जवार

जी हां ! इस ड्रेस में तो पढ़ाकू भी गंवार ही लगते हैं

नई सरकार के गठन के सांथ-सांथ प्रदेश स्‍तर पर कुछ बड़ी चुनौतियां भी पहले से ही मुंह बाए खड़ी हैं. इन्‍हीं में से एक है प्रदेश की बिगड़ी शैक्षिक व्‍यवस्‍था. प्राथमिक विद्यालय हो या मिडिल स्‍कूल सभी के पठन-पाठन की व्‍यवस्‍था पर हमेशा अंगुलिया उठते रही हैं.
News Desk 25 March, 2017 1 minute read

Share PLEASE:

  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
  • Tweet
  • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
STUDENTS

न जाने, पिछली सरकार को कैसे पंसद आया था, बच्‍चों का यह ड्रेस

सब कुछ फ्री, फिर भी क्‍यों नहीं है किसी को फ्री की पढ़ाई पर भरोसा

जयप्रकाशनगर से लवकुश सिंह

नई सरकार के गठन के सांथ-सांथ प्रदेश स्‍तर पर कुछ बड़ी चुनौतियां भी पहले से ही मुंह बाए खड़ी हैं. इन्‍हीं में से एक है प्रदेश की बिगड़ी शैक्षिक व्‍यवस्‍था. प्राथमिक विद्यालय हो या मिडिल स्‍कूल सभी के पठन-पाठन की व्‍यवस्‍था पर हमेशा अंगुलिया उठते रही हैं. इसके बावजूद पिछली सरकार अपने पूरे शासन काल में इस मामले में सोई हुई ही प्रतीत हुई  और तो और पिछली सरकार ने इन विद्यालयों के ड्रेस भी ऐसे लागू किए गए कि उस ड्रेस में पढ़ाकू छात्र-छत्राएं भी गंवार जैसे ही लगते हैं. जब यह स्‍कूली ड्रेस लागू हुआ, तभी से इसकी आलोचना शुरू हो गई. किसी ने इस ड्रेस को चिखुरिया ड्रेस तो किसी ने फटीचर और जोकर ड्रेस का नाम दिया. इसके बावजूद भी यह ड्रेस नहीं बदला गया. जगजाहिर है दुनिया आज कहां से कहा पहुंच गई है. बच्‍चों के पहनावे से लेकर शिक्षा के स्‍तर में भी व्‍यापक बदलाव हो चुका है, वहीं यूपी की सरकारें लंबे समय से वहीं की वहीं खड़ी है. एक सर्वे के मुताबिक यह ड्रेस 100 में 10 प्रतिशत लोग भी पसंद नहीं करते, किंतु प्रदेश की पिछली सरकार को यह गंवार ड्रेस ही खूब भाया.

हर जगह उपलब्‍ध है दो तरह की शिक्षा

प्रदेश स्‍तर पर अब शिक्षा भी अन्‍य बाजारू उत्‍पादों की तरह दो अलग-अलग रूप रंग में में उपलब्‍ध हैं. ऊंची कीमत दीजिए और ऊंची डिग्रियां हांसिल कीजिए. आम आदमी भी अब यह मान चुका है कि है बिन पैसे खर्च किए उनका पढाकू बेटा लायक नहीं बन सकेगा. सरकारी प्राथमिक या उच्‍च विद्यालय कैसी तालीम दे रहे हैं अब यह बात किसी से छिपा नही है. भीरतीय संविधान में सभी वर्ग, संप्रदाय, के 14 वर्ष के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्‍क शिक्षा देने का प्रावधान तय जरूर है, किंतु इस कानून लागू होने के डेढ दशक बाद भी सरकारी विद्यालयों की शिक्षा बेपटरी ही रही. आज हालात यह हैं कि शिक्षा का बाजारीकरण इस कदर अपने चरम पर पहुंच गया है कि शहर हो या गांव, हर जगह दो तरह के स्‍कूल हैं. एक सरकारी सुविधाविहीन स्‍कूल, तो वहीं दूसरा सुविधाओं से संपंन निजी स्‍कूल. निजी विद्यालयों में महंगे फीस होने के बावजूद भी एडमिशन की लंबी कतार है. वहीं सरकारी में सब कुछ फ्री का होने के बावजूद भी, यहां की शिक्षा पर किसी को भरोसा नहीं है.

मुरलीछपरा की व्‍यवस्‍था से ही दिख जाता है पूरा प्रदेश

हम उदाहरण के तौर पर, केवल शिक्षा क्षेत्र मुरलीछपरा को ही लें तो अन्‍य जगहों की तस्‍वीरें साफ हो जाएंगी. इस क्षेत्र के कोड़हरा नौबरार पंचायत अतर्गत प्राथमिक विद्यालय दलजीत टोला, जहां शुरू से ही एक शिक्षा मित्र ही इस विद्यालय को चलाती रह गई. यहां सहायक शिक्षक तैनात भी हैं, या नहीं किसी को नहीं पता. इस क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय धेनू के टोला, विंद टोला, कन्‍या पाठशाला जयप्रकाशनगर, या फिर बगल के पंचायतों के विद्यालय सर्वत्र स्‍कूल के राजिस्‍टर में तो छात्रों की संख्‍या 150 से 300 तक है, किंतु मौके पर दो-तीन दर्जन से ज्‍यादा छात्र कभी भी दिखाई नहीं देते. सर्वत्र छात्रों की संपूर्ण संख्‍या उसी दिन दिखाई देती है जिस दिन वजीफा के वितरण का दिन होता है. मुरलीछपरा विकासखंड में लगभग 91 प्राथमिक और 29 पूर्व माध्‍यमिक मध्‍य विद्यालय हैं. इनमें से 30  फीसदी ही ऐसे विद्यालय हैं जहां पठन-पाठन का कुछ माहौल स्‍थापित है अन्‍यथा अन्‍य स्‍थानों पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति के लिए ही ये विद्यालय संचालित होते हैं.

निजी की ओर झुकाव का मुख्‍य कारण

परिषदीय विद्यालयों के इस हालात को नित्‍य देखने वाले ऐसे कौन से अभिभावक होंगे जो इन विद्यालयों में अपने लाडले के सुंदर भविष्‍य की कल्‍पना करेंगे. परिषदीय विद्यादयों की दुर्दशा के कारण ही आम लागों का निजी विद्यालयों की ओर झुकाव तेजी से हो रहा है. बच्‍चों के अभिभावक भले ही मजदूरी करते हों किंतु अपने बच्‍चों का सुंदर भविष्‍य वह निजी विद्यालयों में ही देख रहे हैं. ऐसा क्‍यों ?

योजनाओं से नहीं संवरेगी शिक्षा व्‍यवस्‍था 

निजी और सरकारी शिक्षा के सवाल पर इब्राहिमाद बाद नौबरार के निवासी शिक्षक हरेंद्र सिंह, दलजीत टोला निवासी शिक्षक त्रिलोकी सिंह, इसी गांव के जैनेंद्र कुमार सिंह, गजेंद्र सिंह, संसार टोला निवासी शिक्षक हरेंद्र यादव, आदि कहते हैं कि हमारी शिक्षा बराबरी पर आधरित समाज बनाने की शिक्षा नहीं है. सरकारी विद्यालयों के हालात वास्‍तव में देखने लायक नहीं हैं. सरकार करोड़ो रुपये पानी की तरह भले ही बहा रही हो, किंतु इससे किसी का भला नहीं होने वाला. यूपी की नई सरकार को शिक्षा के स्‍तर में व्‍यापक बदलाव के उपाय ढूंढने चाहिए. सरकारी तंत्र को हर विद्यालयों पर विशेष नजर रखनी चाहिए. सिलेबस के बदलाव के सांथ पठन-पाठन का तौर तरीका भी बदले यही समय की मांग है.

सवाल-उनके बच्‍चे क्‍यों नहीं पढ़ते सरकारी में

स्‍कूल चलों अभियान की रैली, के सांथ-सांथ दिनभर जो दूसरों को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने की नसीहत देते हैं, उनके खुद के बच्‍चे क्‍यों नहीं उसमें पढ़ते. यह सवाल हर किसी के लिए गंभीर है. यहां तक कि सरकारी परिषदीय विद्यालयों में पढाने वाले शिक्षकों को भी खुद अपने पर भरोसा नहीं है, तभी तो वह जिस विद्यालय में पढाते हैं, वहां उनका खुद का बच्‍चा नहीं पढ़ता. वह अपने बच्‍चे को किसी कान्‍वेंट या निजी विद्यालय में महंगे फीस देकर पढवाते हैं. ऐसे शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों की संख्‍या 90 फीसदी है. ऐसे में यह बदलाव कैसे संभव है ?  नई सरकार के लिए भी मंथन का विषय है.

Related

Tags: जयप्रकाशनगर दलजीत टोला बलिया बेसिक शिक्षा मुरलीछपरा संसार टोला

Post navigation

Previous: 24/03/2017 – अब तक की खबरें पढ़ें सिर्फ 1 मिनट में
Next: बैरिया विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह का आगमन आज

ये भी पढ़ें

Ballia Sapa Sunil
  • जिला जवार
  • बलिया शहर

Ballia News: सुनील कुमार मौर्य बने समाजवादी पार्टी बलिया के जिलाध्यक्ष

General Desk 16 September, 2026
Thana Ubhaon Thana
  • CRIME डायरी
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

उमेश हत्याकांड: परिजनों का दाह संस्कार से इनकार, बुलडोजर एक्शन और एनकाउंटर की मांग

General Desk 16 September, 2026
सांकेतिक चित्र
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

Ballia-शौच के लिए गए बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, सर्पदंश की आशंका

General Desk 16 September, 2026

Recent Posts

  • Ballia News: सुनील कुमार मौर्य बने समाजवादी पार्टी बलिया के जिलाध्यक्ष
  • उमेश हत्याकांड: परिजनों का दाह संस्कार से इनकार, बुलडोजर एक्शन और एनकाउंटर की मांग
  • Ballia-शौच के लिए गए बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, सर्पदंश की आशंका
  • Ballia-पूर्व सीआरपीएफ जवान हत्याकांड का 25 हजार का एक इनामी आरोपी अब भी फरार, पुलिस ने मांगा जन-सहयोग
  • Ballia-अमरेश हत्याकांड के मुख्य आरोपी रामकरण सिंह का बलिया सीजेएम कोर्ट में समर्पण, तीन पुलिस टीमों-एसटीएफ को दिया चकमा
  • Ballia-महिला की शिकायत पर अश्लील वीडियो वायरल करने के आरोप में तीन लोगों पर केस
  • Ballia-उभांव थाना क्षेत्र में चार दिन में दो हत्याओं से सनसनी, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
  • Ballia-सीएचसी बांसडीह के एंबुलेंस ड्राइवर की पिटाई, अस्पताल परिसर में ही 5 लोगों ने किया हमला!
  • Ballia-शहीद बिजेंद्र को किया गया नमन, पाकिस्तानी आतंकियों से लोहा लेते दिया था सर्वोच्च बलिदान
  • Ballia-मारपीट में घायल युवक की मौत, 15 दिन पुराने विवाद को लेकर फिर हुआ था झगड़ा
  • Ballia-सांसद के आवास परिसर में लगे टॉवर पर चढ़कर युवक ने मचाया हंगामा
  • Ballia-अश्लील फोटो-वीडियो भेजने के आरोपी को बांसडीह पुलिस महाराष्ट्र से गिरफ्तार करके ले आई
  • Ballia-साथी सिपाहियों के साथ पार्टी करने गए सिपाही का शव पानी भरे गड्ढे में मिला, बांसडीह कोतवाली में थी तैनाती
  • Ballia-जमीन के पुराने विवाद में पट्टीदारों में मारपीट, एक की हालत गंभीर
  • Ballia-विधायक ने काली माता स्थान से चंद्रोल तक सीसी रोड का किया लोकार्पण
  • Ballia-यूजीसी रोल बैक और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सवर्ण एकता मंच का प्रदर्शन
  • Ballia-सरयू का पानी दो दिन से घट रहा लेकिन मुसीबतें कायम, कई गांवों में अभी भी नाव ही सहारा
  • Ballia-नहाने गए 22 वर्षीय युवक की नदी में डूबने से मौत, इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम
  • Ballia-बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे निषाद पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, ग्रामीणों ने की शिकायत-अपात्र ले रहे राहत सामग्री
  • बलिया की बच्ची रागिनी से मिले अखिलेश यादव, दो लाख की मदद, इलाज का भी आश्वासन
  • Ballia-थाना दिवस में पहुंचे सिर्फ दो फरियादी, दोनों मामलों का मौके पर हुआ समाधान
  • Ballia-बांसडीह में समाजवादी पार्टी का फोकस पीडीए के साथ ही सभी वर्गों को जोड़ने पर, राष्ट्रीय सचिव ने दिए मंत्र
  • Ballia-लोन के रुपयों के विवाद में देवर-भाभी में झगड़ा, भतीजों ने चाचा को पीट कर घायल किया
  • Ballia-सरयू के कटान से पूर्व प्रधान का मकान नदी में समाया, ग्रामीणों ने जताई चिंता
  • Balllia-पट्टीदार को समझाने गए दो भाइयों पर चाकू से हमला, एक की मौत, दूसरा गंभीर

You may have missed

Ballia Sapa Sunil
  • जिला जवार
  • बलिया शहर

Ballia News: सुनील कुमार मौर्य बने समाजवादी पार्टी बलिया के जिलाध्यक्ष

General Desk 16 September, 2026
Thana Ubhaon Thana
  • CRIME डायरी
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

उमेश हत्याकांड: परिजनों का दाह संस्कार से इनकार, बुलडोजर एक्शन और एनकाउंटर की मांग

General Desk 16 September, 2026
सांकेतिक चित्र
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

Ballia-शौच के लिए गए बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, सर्पदंश की आशंका

General Desk 16 September, 2026
Sonadih Doath Murder Case Girish
  • CRIME डायरी
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

Ballia-पूर्व सीआरपीएफ जवान हत्याकांड का 25 हजार का एक इनामी आरोपी अब भी फरार, पुलिस ने मांगा जन-सहयोग

General Desk 16 September, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Youtube
  • Facebook
  • Whatsapp
  • X
  • Instagram
  • Telegram
  • Threads
© 2012 - 2026 Ballia LiVE | All rights reserved.