अपने पितरों के लिए पिंडदान, तर्पण, हवन और अन्न दान करते हैं. पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का ये सबसे बड़ा पर्व माना जाता है.
अपने पितरों के लिए पिंडदान, तर्पण, हवन और अन्न दान करते हैं. पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का ये सबसे बड़ा पर्व माना जाता है.
इस बार सोमवार और मंगलवार दोनों दिन सर्व पितृ अमावस्या मनाई जा रही है. यह दिन पितरों को विदाई देने का दिन है. पितृविसर्जन, सर्वपितृ श्राद्ध महालय 8 और 9 अक्टूबर को होगा क्योंकि 8 अक्टूबर दिन सोमवार को दिन में 10 बजकर 47 मिनट के बाद अमावस्या तिथि लग जायेगी, जो 9 अक्टूबर दिन मंगलवार को दिन में 09:10 बजे तक ही रहेगी.
दो टूक कहा, घोषणाओं को पूरा करे प्रशासन, वरना नहीं करूंगी शहीद पति का श्राद्ध.