premchand jayanti fatiha

मुंशी प्रेमचंद जयंती विशेष: ‘फातिहा’ में प्रेम भी है, बदला भी और इंसानियत भी

मुंशी प्रेमचंद की कहानी “फ़ातिहा” केवल एक सैनिक की कथा नहीं, बल्कि प्रेम, ईर्ष्या, प्रतिशोध, करुणा, भ्रातृत्व और वात्सल्य जैसे मानवीय भावों का गहरा दस्तावेज़ है. नाज़िर, तूरया और मेजर हिम्मत सिंह के जीवन के माध्यम से कहानी इंसानी रिश्तों की जटिलता, त्याग और क्षमा के दुर्लभ पक्षों को प्रभावशाली ढंग से सामने लाती है.