युग निर्माण करना है तो स्वयं द्वारा किए गए परोपकारों को महिमा मंडित करना छोड़ दें. जिस कार्य को करें शरीर के साथ मन भी वहीं रखें.
युग निर्माण करना है तो स्वयं द्वारा किए गए परोपकारों को महिमा मंडित करना छोड़ दें. जिस कार्य को करें शरीर के साथ मन भी वहीं रखें.
पं. उपाध्याय ने शक्तिपीठ पर सर्वप्रथम मां गायत्री का दर्शन कर आशीर्वाद लिया. उसके बाद शक्तिपीठ के प्रांगण के चारों तरफ घूम दिव्य क्षेत्रों का अवलोकन किया.
पं.वीरेश्वर उपाध्याय 18 फरवरी को 10:00 बजे से गायत्री शक्तिपीठ में प्रज्ञा मंडल, महिला मंडल, युवा मंडल एवं सांस्कृतिक मंडलों के सम्मेलन में शामिल होंगे.