मुख्य अतिथि रामविचार पाण्डेय, स्वतंत्रता सेनानी ने कहा कि चंद्रशेखर एक सामाजिक व्यक्ति थे और हमेशा अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करते थे. वे धरती से जुड़े हुए थे, इसीलिए आम लोगों के दुख और तकलीफों को समझते थे और उसी की राजनीति करते थे.
मुख्य अतिथि रामविचार पाण्डेय, स्वतंत्रता सेनानी ने कहा कि चंद्रशेखर एक सामाजिक व्यक्ति थे और हमेशा अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करते थे. वे धरती से जुड़े हुए थे, इसीलिए आम लोगों के दुख और तकलीफों को समझते थे और उसी की राजनीति करते थे.
महाविद्यालय में स्थित राम सिंहासनदास ब्रह्मचारी जी महाराज एवं चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा की धुलाई की गई. इसी क्रम में संदवापुर गाँव में स्थित संत रविदास एवं संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थल के आसपास सफाई की गई , साथ ही संत रविदास जी की मूर्ति पानी से धोई गई.
अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कुलपति प्रो कल्पलता पांडेय ने कहा कि अनुवाद कला, शिल्प एवं विज्ञान है. अनुवाद एक प्रकार से पुनर्रचना है. अनुवाद के द्वारा ही भारतीय आर्ष ग्रंथों का विश्व में प्रसार हुआ है.
बलिया. जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय को चालू वर्ष में पांच पीजी डिप्लोमा कोर्स और चार पीजी डिग्री कोर्स पढ़ाने की अनुमति मिली है. यह जानकारी कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में …
बलिया. महर्षि भृगु की धरती बलिया कलेक्ट्रेट का बहुद्देश्यीय सभागार बुधवार को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की अयोध्या का प्रतिरूप बन गया. सभागार में ‘रामायण कान्क्लेव’ का भव्य आयोजन हुआ, जिसका शुभारंभ जननायक चद्रशेखर विवि …