बलिया मार्ग पर 1975 में दुर्गा मंदिर की नींव पड़ी. यहां केवल दशहरा में दुर्गा प्रतिमा रखकर समिति द्वारा पूजा पाठ किया जाता थी. धीरे – धीरे इस मंदिर का स्वरूप बदलता गया. और 90 के दशक में महान संत स्व इंद्रजीत पूरी उर्फ लंडिया बाबा के सान्निध्य में दुर्गा प्रतिमा स्थापित हुई.

