Please LIKE and FOLLOW बलिया LIVE on FACEBOOK page https://www.facebook.com/BalliaLIVE
बलिया. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और बलिया सदर के पूर्व विधायक पं. राम अनन्त पाण्डेय की 122वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें वक्ताओं ने पं. राम अनन्त पाण्डेय के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, सार्वजनिक जीवन की सादगी, जनसेवा तथा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं ने कहा कि बलिया की क्रांतिकारी धरती और स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख पं. राम अनन्त पाण्डेय के संघर्ष और योगदान के बिना अधूरा है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता और समाज के उत्थान को अपने जीवन का ध्येय बनाया। अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष करते हुए उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा, लेकिन विपरीत परिस्थितियां भी उनके संकल्प और राष्ट्रभक्ति को डिगा नहीं सकीं।
बलिया के ग्राम दलन छपरा में 23 सितंबर 1904 को जन्मे पं. राम अनन्त पाण्डेय ने प्रारंभिक जीवन में मुख्तारी का कार्य किया। वर्ष 1930 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में चले नमक सत्याग्रह से प्रभावित होकर उन्होंने अपना पेशा छोड़ दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से कूद पड़े। वह जिला कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर रहे और लंबे समय तक स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
1942 का बलिया आंदोलन उनके सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। 19 अगस्त 1942 को बलिया में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध समानांतर व्यवस्था स्थापित किए जाने के दौरान चित्तू पाण्डेय को कलेक्टर तथा पं. राम अनन्त पाण्डेय को डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी दिए जाने का उल्लेख मिलता है। यह प्रसंग बलिया के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में विशेष महत्व रखता है।
देश की आजादी के बाद भी पं. राम अनन्त पाण्डेय का सार्वजनिक जीवन निरंतर सक्रिय रहा। वर्ष 1948 में उन्हें बलिया विकास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद उन्होंने जनप्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र की सेवा की। वह 1952 से 1957 तथा 1962 से 1967 तक बलिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे। अपने कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े अनेक कार्यों को आगे बढ़ाया।
पं. राम अनन्त पाण्डेय का व्यक्तित्व केवल स्वतंत्रता आंदोलन और राजनीति तक सीमित नहीं था। शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए उन्होंने ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा की रोशनी पहुंचाने के लिए अनेक शिक्षण संस्थाओं की स्थापना एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से स्थापित शिक्षण संस्थाएं आज भी शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। उनका स्पष्ट मानना था कि शिक्षित समाज ही मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र की नींव रख सकता है।
उनका जीवन सादगी, ईमानदारी, उच्च विचार और समाजसेवा का उदाहरण रहा। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के सम्मान में वर्ष 1975 में उन्हें ताम्रपत्र से सम्मानित किया गया था।
इस अवसर पर पं. राम अनन्त पाण्डेय के पौत्र एवं समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अंकुर पाण्डेय ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पं. राम अनन्त पाण्डेय का जीवन संघर्ष, त्याग, राष्ट्रसेवा और सामाजिक प्रतिबद्धता की ऐसी विरासत है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उनके आदर्श आज भी युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराते हैं।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार तथा पं. राम अनन्त पाण्डेय के सामाजिक और शैक्षिक संकल्पों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि उनकी स्मृतियां, संघर्ष और समाज के लिए किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, शिक्षा और जनहित के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
Breaking News और बलिया की तमाम खबरों के लिए आप सीधे हमारी वेबसाइट विजिट कर सकते हैं.
Website: https://ballialive.in/
Facebook: https://www.facebook.com/BalliaLIVE
X (Twitter): https://twitter.com/ballialive_
Instagram: https://www.instagram.com/ballialive/
Threads: https://www.threads.net/@ballialive
अब बलिया की ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए बलिया लाइव का Whatsapp चैनल FOLLOW/JOIN करें – नीचे दिये गये लिंक को आप टैप/क्लिक कर सकते हैं.
https://whatsapp.com/channel/0029VaADFuSGZNCt0RJ9VN2v
आप QR कोड स्कैन करके भी बलिया लाइव का Whatsapp चैनल FOLLOW/JOIN कर सकते हैं.
