14 अगस्त 1942 को बलिया की जनक्रांति ने उग्र रूप ले लिया. बिल्थरा रोड में छात्राओं ने पुरुषों को चूड़ियां पहनने की चुनौती दी, जिसके बाद जनता ने रेलवे स्टेशन और डाकघर फूंक दिए. इसी दिन बैरिया में क्रांतिकारियों ने थाना खाली करवाकर वहां तिरंगा फहरा दिया.

