मौत किसी को कब और कहां खींच कर अपने पंजे में जकड़ लेगी, इसका आभास किसी को नहीं होता. वह दबे पांव आती है, अपने साथ एक बहाना लाती है
मौत किसी को कब और कहां खींच कर अपने पंजे में जकड़ लेगी, इसका आभास किसी को नहीं होता. वह दबे पांव आती है, अपने साथ एक बहाना लाती है
सपा सरकार द्वारा कब्रिस्तान एवं श्मसान घाटों का बाउंड्रीवाल किए जाने की घोषणा रसड़ा क्षेत्र में बेमतलब ही साबित हो रही है. क्षेत्र के दर्जनों मुस्लिम बाहुल्य गांव ऐसे हैं, जहां के कब्रिस्तानों का सीमांकन न किए जाने से उनका अस्तित्व खतरे में है.