बैरिया फीडर से दो शिफ्ट में 14 घंटे होगी विद्युत आपूर्ति. दिन में दस से पांच और रात को भी दस से पांच बजे तक होगी विद्युत आपूर्ति. ऐसा कहना है समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव मनोज सिंह का.
बैरिया फीडर से दो शिफ्ट में 14 घंटे होगी विद्युत आपूर्ति. दिन में दस से पांच और रात को भी दस से पांच बजे तक होगी विद्युत आपूर्ति. ऐसा कहना है समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव मनोज सिंह का.
बस स्टेशन चौराहा के जले विद्युत ट्रांसफार्मर को बदलने में विभाग द्वारा विलम्ब किए जाने से उपभोक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है. व्यापारी नेता डॉ. उमेश चंद, गणेश प्रसाद सोनी व मुजम्मिल भाई ने चेतावनी दी है कि यदि ट्रांसफार्मर को शीघ्र बदला नहीं गया तो तहसील पर धरना का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
सांसद भरत सिंह शुक्रवार को अपने नवकाटोला स्थित आवास पर चैपाल लगा कर बैरिया विधान सभा क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं. सभी लोगों से व्यक्तिगत बात कर उनकी समस्याओं के यथाशीघ्र निस्तारण का भरोसा दिया.
जयप्रकाशनगर में कभी भी सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति नहीं हो पाती. हल्की बारिश हो या तेज हवा का झोंका, यह गायब हो जाती है. मानों यह बिजली हमेशा के लिए बुढापे की दलहीज पर कदम रख चुकी है. सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक व रात में भी इसी समय बिजली सप्लाई का रोस्टर लंबे समय से चल रहा है. इधर, नवरात्रि की शुरुआत से ही बिजली सेवा पूरी तरह धवस्त है. इसके पीछे मुख्य कारण है जर्जर तार.
घर में लगे हुए मीटर अब बाहर लगाए जाएंगे. उक्त आशय की जानकारी विद्युत विभाग एसडीओ रसड़ा आरपीएस माजिद ने दी. कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के आदेशानुसार विद्युत विभाग की तरफ से लगे हुए मीटरों को घर के बाहर लगाने का अभियान एक अक्टूबर से शुरू होगा.
नगर के विद्युत उपभोक्ताओं को बिल जमा करने की सुविधा के लिए नगर के शम्स कटरा में बिजली बिल संग्रह केन्द्र स्थापित किया गया है. जिसकी जिम्मेदारी बिजली विभाग द्वारा अम्बुज इन्टरप्राइजेज को सौंपी गयी है.
सुखपुरा बाजार से मां काली मंदिर तक जाने वाली सड़क पर बिजली का तार लटक रहा है. इस वजह से आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
बलिया के एक गांव में पिछले चार महीने से बिजली नहीं आ रही. लोग परेशान हैं, आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन…
महतवार गांव में चार माह से विद्युत सप्लाई अवरुद्ध होने से ग्रामीणों ने शुक्रवार को उप जिलाधिकारी को पत्रक सौपा. चेताया कि एक सप्ताह के अन्दर सप्लाई बहाल नहीं किया गया तो धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे.
विद्युत आपूर्ति ठीक करने और जर्जर तारों को बदलने के लिए बुधवार को कंसोपटना, शाहमुहम्मदपुर, जकरिया, परसिया, पचवार, चन्द्रवार, महतवार आदि गांवों के ग्रामीणों का पावर हाउस पर धरना प्रदर्शन और रसड़ा-मऊ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करना अब महंगा पड़ेगा.
मऊ में एक परिवार भारी भरकम बिजली के बिल की भेंट चढ़ गया है. आरोप है कि करीब एक लाख रुपये का बिजली का बिल आने के बाद गरीब परिवार से बिल की वसूली के लिए अधिकारी घर पहुंचे और कुछ इस कदर धमकाया कि परिवार ने अपने आपको घर में कैद कर लिया.
कस्बा में बिजली संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. काली मां मंदिर के पास लगा ट्रांसफार्मर पखवाड़ा भर पहले जल गया.
गढ़िया स्थित 100 केबीए का ट्रांसफार्मर लगते ही मात्र आधे घंटे में जल गया. दो हफ्ते से ग्रामीण अंधेरे में जीवन जीने पर विवश है. दो हफ्ता पहले ही ये ट्रांसफार्मर फुंका था. काफी मशक्कत के बाद विभाग ने ट्रांसफार्मर लगाया भी तो मात्र आधे घण्टे में ही धू धू करके जल गया.
सुखपुरा में हुए वीभत्स हादसे के बाद चौराहे के आसपास बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है. बताते चलें कि 8 जुलाई को ट्रक और बोलेरो के टक्कर के बाद एक ही परिवार चार लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे में बिजली का खंभा भी धराशायी हो गया था.
जिलाधिकारी राकेश कुमार ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंताओं को खराब ट्रांसफार्मरों को 72 घण्टे में बदलने का निर्देश दिया है. शहर में सड़कों के चैड़ीकरण के लिए प्रमुख सड़कों पर से विद्युत खम्भों को हटवाने को कहा है.
रघुनाथ फीडर से नगर के कदम चैराहा, अमृतपाली, भृगु आश्रम, सतनी सराय व गौशाला रोड आदि क्षेत्रों में होने वाली विद्युत सप्लाई बाधित होने के कारण गरमी से बेहाल तथा पानी की किल्लत से जूझ रहे शहरियों का गुस्सा चरम पर है. सोमवार को एक्सईएन को पत्रक सौंपकर पांच दिन का अल्टीमेटम लोगों ने दिया है.
तहसील क्षेत्र के कैथवली (मासूमपुर) गांव के जले ट्रांसफार्मर को बार-बार मांग किए जाने के बावजूद अब तक बदला नहीं गया. इसके चलते बिजली के अभाव में कठिनाई झेल रहे उपभोक्ताओं में विद्युत विभाग की उपेक्षा के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है.
पानी टंकी आदमपुर के फुंके ट्रांसफार्मर को अब तक नहीं बदला गया. स्थानीय लोगों बिजली महकमे में जूते घिसना जारी रखा है. इसके चलते टंकी से आपूर्ति ठप है. पानी की किल्लत झेल रहे आधा दर्जन गांवों के नागरिकों में विद्युत विभाग की उदासीनता के खिलाफ आक्रोश है. नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि ट्रांसफार्मर को शीघ्र नहीं बदला गया तो विद्युत उपकेंद्र पर धरना दिया जाएगा. टंकी से आदमपुर, जमालपुर, शेखपुर जाहिदीपुर, बसारीकपुर आदि गांव के लोगों को पीने का पानी मुहैया करवाया जाता है.
कोतवाली क्षेत्र के गढ़िया (हितापुरा) में बुधवार की सुबह 7 बजे विद्युत तार की चपेट में आने से जर्सी गाय की मौके पर ही मौत हो गयी. आक्रोशित ग्रामीणों ने पावर हाउस का घेराव कर आफिस में ताला बंद कर दिया. नतीजतन कई घंटे तक बिद्युत सप्लाई बाधित रही.
बिजली मोटर फुंक जाने से दो दिन से नगवा की बत्ती गुल है. अब दस हजार की आबादी वाले इस गांव में पानी के लिए भी त्राहि त्राहि मची है. कब तक आपूर्ति बहाल होगी, इसका भरोसा देने वाला भी कोई नहीं है. विभागीय स्तर कार्रवाई शुरू हो चकी है, लेकिन कब तक मोटर बदलेगा, आपरेटर की माने तो इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है. सफेद हाथी की तरह नगवा में में एक ओवरहेड टैंक भी है.