रावण के पहुंचते ही आकाशवाणी हुई, अरे लंकेश तुम्हारे कुंभिनिसी कन्या का दानव अपहरण कर लिया है. यह सुन रावण वहां से चला गया.
रावण के पहुंचते ही आकाशवाणी हुई, अरे लंकेश तुम्हारे कुंभिनिसी कन्या का दानव अपहरण कर लिया है. यह सुन रावण वहां से चला गया.
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी , पं.परशुराम चतुर्वेदी , डा.भगवत शरण उपाध्याय , हरिप्रसाद वर्मा, श्रीहरि’ ,जगदीश ओझा ‘सुन्दर’ , अमरकान्त , डाॅ. केदारनाथ सिंह जैसे सैकड़ों साहित्यकारों की जन्मभूमि.