हिन्दू युवा वाहिनी जिला कार्य समिति की बैठक द्वारिकापुरी कालोनी में हुई, जिसके मुख्य अतिथि प्रदेश संयोजक राकेश राय थे. बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रदेश संयोजक ने कहा कि किसी भी संगठन में कार्यकर्ता ही उसकी रीढ़ होते है.
हिन्दू युवा वाहिनी जिला कार्य समिति की बैठक द्वारिकापुरी कालोनी में हुई, जिसके मुख्य अतिथि प्रदेश संयोजक राकेश राय थे. बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रदेश संयोजक ने कहा कि किसी भी संगठन में कार्यकर्ता ही उसकी रीढ़ होते है.
सांसद भरत सिंह के द्वारा रविवार को बाढ़ पीड़ितों लोगो का जो दर्द पत्र के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री जी को प्रेषित किया गया था, उसको संज्ञान में लेते हुए शनिवार की शाम को सांसद भरत सिंह से प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली ने दूरभाष पर बात कर स्थिति के सम्बन्ध में जाना.
जिलाधिकारी गोविन्द राजू एनएस ने रविवार को बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण किया. उन्होंने बैरिया तहसील के सुघरछपरा केंद्र पर श्रीनगर के बाढ़ पीड़ितों को 20-20 किग्रा. आटा व चावल, 04 किग्रा दाल, 10 किग्रा आलू, 05 ली किरोसिन, माचिस, मोमबत्ती, साबुन, बिस्किट, नमक एवं बाल पोषाहार का पैकेट दिया.
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बैरिया तहसील के पांडेयपुर गांव में बाढ़ में पानी में फंसे है लोग. अभी तक इस गांव के लोगों को नाव की सुविधा नहीं मिल पाई है. लोगों को अपना दैनिक काम काज निबटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
भीषण बाढ़ आपदा के कारण आमजन मानस का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. रसड़ा क्षेत्र के लोग एवं समाज सेवी संस्थाओं ने भी आगे आकार सेवा में लग गये है.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तथा भारतीय जनता युवा मोर्चा के तत्वावधान में बाढ़ पीड़ितों के लिए सहायता राशि इकट्ठा करने के लिए संयुक्त रूप से शिविर लगाया गया. जिसका उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रत्याशी एवं वरिष्ठ नेता संजय यादव ने किया.
सांसद ने कहा कि इस आपदा की घड़ी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सभी नागरिकों के साथ हर प्रकार से खड़ा हूं. किसी भी कीमत पर उनसे अन्याय नहीं होने दूंगा. उनकी हर सम्भव मदद की जायेगी तथा साथ ही बाढ़ खण्ड के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई एवं न्यायिक जांच कराकर दण्डित कराने का काम करूंगा.
बाढ़ जैसी दैवीय आपदा में पीड़ितों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नही है. ऐसे संकट की घड़ी में सच्ची मन से दिल से सेवा होनी चाहिये. बाढ़ पीड़ित व्यक्तियों के मदद में क्षेत्रवाद, दलवाद और होना चाहिए, लेकिन फेफना विधानसभा क्षेत्र में चन्द लोगो के इशारे पर प्रशासनिक सहायता में भी भेदभाव किया जा रहा है.
आयुक्त आजमगढ़ मण्ड़ल नीलम अहलावत ने राहत केन्द्र प्रभारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ पीड़ितों को सभी सुविधायें एवं मदद समय से मिल जाय. राहत केन्द्र प्रभारियों की यह जिम्मेदारी है कि बाढ़ पीडितों को कोई तकलीफ न हो.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह के अनुरोध पर जनपद के लगभग डेढ़ सौ दवा प्रतिनिधियों, चिकित्सकों के संगठन नीमा तथा बलिया केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसो0 के लोगो ने संयुक्त रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आगामी पंद्रह दिनों तक पीड़ितों के बीच दवा वितरण एवं उपचारिता का बीड़ा उठाया है.
बलिया तत्कालीन जिला प्रशासन व बाढ़ विभाग के अधिकारियों की अदूरदर्शिता के आरण अंततः शनिवार की दोपहर गंगा की लहरों ने रिंग बंधे को पराजित कर ही दिया. रिंग बन्धा टूटने से गोपालपुर, दूबेछपरा, उदईछपरा, प्रसाद छपरा आदि गांवों की लगभग 50 हजार आबादी पर मानों कहर टूट पड़ा है.
यूं तो बाढ़ पीड़ितों के पुर्नवास और भोजन-पानी की व्यवस्था के लिए प्रशासन पिछले 10 दिनों से कटिबद्ध है. लेकिन इसकी वास्तविक रंगत तब देखने को मिली, जब पीड़ितों की मदद के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कमर कस लिया.
दुबेछपरा रिंग बांध टूटने से इलाके के लगभग दो दर्जन गांवों की 35 हजार की आबादी प्रभावित हुई है. इन ग्रामीणों के सर पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. जिला प्रशासन और स्वयं ग्रामीण बीते कई दिनों से बांध को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे. फिलवक्त दुबेछपरा ढाले पर भगदड़ के हालात हैं. हाईवे पर ट्रैफिक ठहर सा गया है. दुबे छपरा रिंग बांध प्राथमिक विद्यालय के सामने करीब 20 फीट की दूरी में टूटा है.
हादसे की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे राम गोविंद चौधरी, नारद राय और नीरज शेखर. मंत्रियों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा- हमारे लिए यह परीक्षा की घड़ी है.
राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति भी गंभीर हो सकती है. इसको देखते हुए भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस बंधा पर लोगों का अधिक दबाव न हो इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों मीडिया कर्मियों तथा राजनेताओं के अलावे पब्लिक को जाने से मना किया जा रहा है
दुबेछपरा रिंग बंधा टूटने कि खबर पूरे जिले में जंगल के आग कि तरह फ़ैल गयी. लोग एक दूसरे से इसकी जानकारी लेकर दुबेछपरा रिंग बंधे की ओर भागे जा रहे हैं. आलम यह है कि रिंग बंधा टूटने के एक घण्टे के भीतर वहां लगभग दस हजार से भी अधिक लोग बाढ़ देखने पहुच गए.
पुलिस लाइन से वायु सेना का हेलीकॉप्टर लेकर भोजन के पैकेट शनिवार को बाढ़ प्रभावित गांवों में गिराए गए.
प्राथमिक विद्यालय दुबेछपरा के सामने तेजधार के साथ गंगा का पानी दुबेछपरा गांव में दाखिल हो गया. गांव में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई. सभी लोग राष्ट्रीय राजमार्ग पर जा पहुंचे हैं. दुबेछपरा रिंग बंधा टूटने की खबर पाते ही जिला मुख्यालय पर मौजूद आजमगढ़ की मंडलायुक्त नीलम अहलावत, जिला अधिकारी गोविंद राजू एऩएस, पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी तथा आसपास की पुलिस व एनडीआरएफ की टीम जल पीएसी मौके पर पहुंच गई.
बाढ़ से मरने वाले प्रत्येक व्यक्ति के आश्रित को चार लाख रुपए की आर्थिक मदद उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से दी जाएगी. बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जो कर्मचारी ड्यूटी में लापरवाही करे अथवा मना करे उसके विरूद्ध तत्काल कड़ी कार्रवई की जाएगी.