premchand jayanti

प्रेमचंद का साहित्य आज भी सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों की मजबूत आवाज

आज़मगढ़ के श्री गांधी पीजी कॉलेज में प्रेमचंद जयंती की पूर्वसंध्या पर आयोजित परिसंवाद में वक्ताओं ने प्रेमचंद के साहित्य को सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों का दस्तावेज बताया. कार्यक्रम में साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता पर चर्चा के साथ लोकनृत्य और कविता पाठ का भी आयोजन किया गया.

प्रेमचंद की नायिका अमूमन सामाजिक सवालों से टकराती है

मुंशी प्रेमचंद के साहित्य में स्त्री त्याग, क्षमा, दया और शील की प्रतिमूर्ति देखने को मिलती है. स्त्रियों के कुछ आदर्श को प्रेमचंद ने अपने साहित्य में स्थापित किया. जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जनार्दन राय ने रविवार को प्रेमचंद साहित्य में स्त्री विषय पर गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उक्त विचार व्यक्त किया.