बांसडीह तहसील के कोटवा, मनियर बाजार, मलाहीचक सहित आस पास के गांवों में तेजी से सरयू का पानी बढ़ रहा है। जिसके कारण बिजली तक काट दी गई है। स्थानीय लोग परेशान दिख रहे हैं। जहां लोगों में भय व्याप्त है। सुल्तानपुर ,रिगवन छावनी, सहित अन्य गांव के लोग दिक्कतों में हैं। नाव की कोई व्यवस्था अभी तक नही हुई है। ना ही कोई अधिकारी कही भी नजर कर रहा है। बाढ़ पीड़ितों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया हैं।
परीक्षा व्यवस्थापकों और शिक्षकगणों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा की सुचिता का विशेष ध्यान रखें. परीक्षा पूरी तरह से नकलविहीन होनी चाहिए. परीक्षा नौ केंद्रों में हो रही है जो नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं. बलिया में लगभग बीस हजार परीक्षार्थी परीक्षा में भाग लेंगे. जो न केवल बलिया से बल्कि अलग-अलग जनपदों से आएंगे. उनकी सुरक्षा और परीक्षा के समय कोई दिक्कत ना आए इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने परीक्षा व्यवस्थापकों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की गलती स्वीकार नहीं की जाएगी.
शिविर में मुख्य अतिथि ने लाभार्थी महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकारी की जन जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में समझाया. भोला पाण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना गरीब महिलाओं के जीवन को धुआं मुक्त, प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ महिलाओं को स्वस्थ रख रखा है. भाजपा की सरकार गरीबों के लिए लगातार काम कर रही है.
घटना के संदर्भ में बताया गया कि अभय वर्मा 34 वर्ष व नितेश कुमार 20 वर्ष निवासी गण दुधैला थाना रेवती रानीगंज बाजार से खरीददारी करके बाइक से मिल्की चकिया होते हुए अपने गांव वापस लौट रहे थे. यह लोग चकिया चौराहा पर पहुंचे ही थे कि बैरिया से रेवती जा रही सवारियों से भरे टेंपू से इनकी बाइक टकराकर असंतुलित होकर गिर पड़ी और सड़क पर काफी दूर तक घिसटती चली गई.
पिछले लगभग डेढ़ साल से सड़क निर्माण आधा अधूरा कर छोड़ दिया गया है. उन्होंने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव के पहले इस सड़क का निर्माण चौकिया मोड़ से तेंदुआ ग्रामसभा तक किया जाना था लेकिन चौकिया मोड़ से मधुबन ढाला तक ही अंतिम लेयर का टीचिंग छोड़ टीचिंग कर दिया गया. जिससे चौकिया मोड़ से मधुबन ढाला तक सड़क के अंतिम लियर छोड़ के पिचिंग कार्य हो जाने से लोगों को राहत की सांस तो मिल गई है. पर वहीं बेल्थरारोड मधुबन ढाला से तेंदुआ ग्राम सभा सड़क न बनने से सड़क किनारे रहने वाले लोगों को धूल मिट्टी और कंकड़ जैसे समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
